मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने का गंभीर मामला सामने आया है। तुकईथड उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थित परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी कर रही एक महिला शिक्षिका ने परीक्षा शुरू होते ही क्वेश्चन पेपर की फोटो खींचकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर डाल दी।
सुबह 9:35 बजे प्राथमिक शिक्षिका राजकुमारी सोनी के व्हाट्सएप स्टेटस पर अंग्रेजी के प्रश्नपत्र की तस्वीर देखी गई। यह सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर हर्ष सिंह और जिला पंचायत CEO सृजन वर्मा तुरंत परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और शिक्षिका से विस्तृत पूछताछ की।
नकल कराने के इरादे से खींची गई थी तस्वीर
जांच में शिक्षिका राजकुमारी सोनी ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि उसने सुबह 9:06 बजे एक अनुपस्थित छात्र की टेबल पर रखे प्रश्नपत्र की फोटो खींची थी। पूछताछ में उसने यह भी माना कि उसने यह फोटो किसी अन्य व्यक्ति को भेजी थी, जिसका उद्देश्य क्वेश्चन पेपर को हल करवाकर परीक्षा में नकल कराना था।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस परीक्षा केंद्र पर सुबह 8:40 बजे कुल 109 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया था। प्रश्नपत्र निर्धारित समय पर वितरित किए गए थे। परीक्षा आरंभ होने के 26 मिनट बाद शिक्षिका ने फोटो अपने स्टेटस पर अपलोड की।
प्रशासन का पेपर लीक से इनकार
हालांकि, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी रूप से प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। प्रशासन के मुताबिक परीक्षा समय पर शुरू हुई और क्वेश्चन पेपर पहले से बाहर नहीं गया था। शिक्षिका ने परीक्षा शुरू होने के बाद फोटो खींची थी, इसलिए तकनीकी तौर पर इसे पेपर लीक नहीं माना जा सकता।
बुरहानपुर के अपर कलेक्टर (ADM) वीर सिंह चौहान ने शिक्षिका की लापरवाही और नियमों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए राजकुमारी सोनी को तत्काल निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र के अध्यक्ष को भी पद से हटा दिया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गहन जांच के लिए अधिकारियों ने निर्देश जारी किए हैं। शिक्षिका राजकुमारी सोनी को पूछताछ के लिए पुलिस टीम थाने ले गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसने फोटो किस व्यक्ति को भेजी थी और नकल कराने की इस योजना में कौन-कौन शामिल था।
यह घटना परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आगे सख्त कदम उठाए जाएंगे और परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।






