उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार विरोध स्वीकार नहीं कर सकती और अपना ही राग अलापती रहती है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इतनी झूठी सरकार उन्होंने कभी नहीं देखी। विकसित भारत और जी राम जी योजना में सरकार का बजट कम हो गया है, जबकि गरीबों और पिछड़ों के लिए नई योजनाओं में कटौती की जा रही है।
पानी की टंकियों में भ्रष्टाचार का आरोप
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की सरकार में जितनी भी पानी की टंकियां बनाई जा रही हैं, वे भ्रष्टाचार का भार सह नहीं पा रही हैं। इसी कारण से ये टंकियां टूट रही हैं। उन्होंने इसे सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया।
अखिलेश यादव ने Gen Z की जागरूकता का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं ने सीएम का मतलब ‘corrupt mouth’ निकाला है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि झूठ और भ्रष्टाचार की सरकार चल रही है।
एसआईआर मुद्दे पर गंभीर आरोप
एसआईआर के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केवल मुसलमानों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और गरीबों को फॉर्म-7 से नोटिस देकर उनके वोट कटवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सपा मुखिया ने कहा कि हमारी आवाज दबाई जा रही है और लोकतंत्र खतरे में है। गरीबों और पिछड़ों पर अन्याय हो रहा है, जबकि सरकार विरोध सहन नहीं करती।
वंदे मातरम् और JPNIC को लेकर हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनके अन-रजिस्टर्ड संघी साथियों ने वंदे मातरम् कभी नहीं गाया। न आजादी के पहले गाया, न आजादी के बाद।
JPNIC के मुद्दे पर उन्होंने बीजेपी से सवाल करते हुए कहा कि जिसने JPNIC बनाया वो बीजेपी में चला गया। उन्होंने मांग की कि बीजेपी को जिसने JPNIC बनाया उसे अपनी पार्टी से निकालना चाहिए।
सीएम योगी का वीडियो शेयर कर किया तंज
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि झूठ बोलते समय ही चेहरे पर इतना तनाव होता है। उन्होंने पूछा कि सबको सांप सा क्यों सूंघ गया है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह सरकार न संतों का सम्मान करती है, न स्वतंत्रता सेनानियों का और न ही सज्जनों का। उन्होंने कहा कि सच यही है कि यह सरकार केवल अपने हितों की रक्षा करती है।
झूठ बोलते समय ही चेहरे पर इतना तनाव होता है। सबको साँप सा क्यों सूँघ गया है?
सच तो ये है कि न ये संतो का सम्मान करते हैं, न स्वतंत्रता सेनानियों का न ही सज्जनों का। pic.twitter.com/K7aQNqZgJq— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 17, 2026





