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अंता उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला, कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत, 56 नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी

Written by:Neha Sharma
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राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव बेहद रोचक बन गया है। इस सीट पर 11 नवंबर को मतदान होगा। कांग्रेस पार्टी ने अंता उपचुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा संगठन मैदान में उतार दिया है।
अंता उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला, कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत, 56 नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी

राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव बेहद रोचक बन गया है। इस सीट पर 11 नवंबर को मतदान होगा और मुकाबला इस बार त्रिकोणीय नजर आ रहा है। जहां एक ओर भाजपा के मोरपाल सुमन और कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया आमने-सामने हैं, वहीं निर्दलीय नरेश मीणा भी मजबूत चुनौती बनकर उभरे हैं। ऐसे में अंता की सियासी जंग पूरे प्रदेश का ध्यान खींच रही है।

कांग्रेस ने बढ़ाई चुनावी रफ्तार

कांग्रेस पार्टी ने अंता उपचुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा संगठन मैदान में उतार दिया है। पार्टी ने 56 नेताओं को गांव-गांव प्रभारी बनाकर प्रचार अभियान की कमान सौंपी है। प्रत्येक नेता को तीन-तीन गांवों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर मतदाताओं से संपर्क मजबूत हो सके। कांग्रेस का फोकस इस बार ग्रामीण वोट बैंक और बूथ स्तर के प्रबंधन पर है। सभी प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मतदाताओं से जुड़ें, स्थानीय मुद्दों पर संवाद करें और कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद भाया के पक्ष में माहौल बनाएं।

सचिन पायलट का रोड शो बढ़ाएगा तापमान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी अब चुनावी मैदान में उतरने वाले हैं। वे 5 नवंबर को अंता में रोड शो करेंगे। उनके साथ प्रहलाद गुंजल और अन्य वरिष्ठ नेता भी रहेंगे। पायलट का यह रोड शो कांग्रेस के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है, क्योंकि वे युवाओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं में खासा प्रभाव रखते हैं। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई बड़े नेता भी अंता पहुंचकर जनसंपर्क कर चुके हैं।

कांग्रेस ने किया संगठित प्रबंधन पर फोकस

कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान को सटीक और संगठित बनाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर बनाई गई यह टीम गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि प्रत्येक मतदाता तक कांग्रेस की योजनाओं और उम्मीदवार का संदेश पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रभारी लगातार बैठकें कर रहे हैं ताकि अंतिम समय तक संगठन सक्रिय बना रहे।

15 उम्मीदवार मैदान में, नतीजे 14 नवंबर को

अंता उपचुनाव में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन असली मुकाबला कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच सीमित माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नरेश मीणा की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। मतदान 11 नवंबर को होगा और 14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

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