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पूर्व मंत्री महेश जोशी को लेकर बड़ी खबर! हाईकोर्ट से लगा झटका, जमानत नहीं मिली, अभी रहना होगा जेल में।

Written by:Deepak Kumar
Published:
पूर्व मंत्री महेश जोशी को लेकर बड़ी खबर! हाईकोर्ट से लगा झटका, जमानत नहीं मिली, अभी रहना होगा जेल में।

राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में राहत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने इससे पहले 8 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया था। ईडी ने जोशी को 24 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया था। उन पर टेंडर प्रक्रिया के दौरान रिश्वत लेने और धन शोधन में संलिप्त होने का आरोप है।


बचाव पक्ष की दलील

महेश जोशी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेकराज बाजवा ने कहा कि उनके मुवक्किल का नाम एसीबी द्वारा दर्ज मूल केस में नहीं है। बावजूद इसके, उन्हें एक साल पुराने नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया। वकील ने कहा कि ईडी द्वारा बताए गए 2.01 करोड़ रुपए के लेन-देन का कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बेटे की कंपनी में 50 लाख रुपए का लेन-देन एक लोन के रूप में हुआ था, जो बाद में लौटा भी दिया गया।


ईडी का पक्ष

ईडी के अधिवक्ता अक्षय भारद्वाज ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि महेश जोशी ने विभाग की टेंडर प्रक्रिया में रिश्वत ली। बेटे की कंपनी में 50 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है, जो अपराध की गंभीरता को कम नहीं करता। ईडी का कहना था कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 45 के तहत आरोपी को तभी जमानत दी जा सकती है जब यह साफ हो कि वह अपराध में शामिल नहीं है।


गवाहों को प्रभावित करने की आशंका, अदालत का फैसला

ईडी ने तर्क दिया कि महेश जोशी को जमानत देने पर वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद जोशी को जेल में ही रहना होगा। मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि बचाव पक्ष लगातार इसे राजनीतिक साजिश बता रहा है, जबकि ईडी इसे गंभीर आर्थिक अपराध मान रही है।