भरतपुर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की जयंती के अवसर पर राजस्थान के भरतपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में सियासी बयानबाजी तेज हो गई। बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयान पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि कांशीराम नेहरू के दौर में होते तो वे नेहरू को प्रधानमंत्री बनाने की ताकत रखते, न कि कांग्रेस उन्हें मुख्यमंत्री बनाती।

यह पूरा विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग करते हुए कहा था कि अगर कांशीराम पंडित नेहरू के समय में होते, तो कांग्रेस उन्हें मुख्यमंत्री बनाती। इसी बयान पर आकाश आनंद ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

‘कांशीराम सीएम-पीएम बनाने वाले नेता थे’

आकाश आनंद ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा, “आज राहुल गांधी हमारे समाज को टटोलने का कोई मौका नहीं छोड़ते। आप कहते हैं कि अगर कांशीराम नेहरू के समय होते तो आप उन्हें मुख्यमंत्री बनाते। लेकिन हकीकत यह है कि कांशीराम वो हैं, जिन्होंने इस समाज को उठाया, जगाया और बाबा साहेब की सीखों को घर-घर तक पहुंचाया।”

“अगर कांशीराम नेहरू के समय में होते तो वो नेहरू को प्रधानमंत्री बनाने की ताकत जरूर रखते, न कि आपके नेहरू हमारे कांशीराम को मुख्यमंत्री बनाते।”- आकाश आनंद, राष्ट्रीय समन्वयक, बसपा

उन्होंने जोर देकर कहा कि कांशीराम ने खुद कभी किसी पद का लालच नहीं किया, बल्कि उन्होंने ऐसे नेता तैयार किए जो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बने।

राष्ट्रीय शोक घोषित न करने पर उठाया सवाल

आकाश आनंद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पुराना मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया, “जब कांशीराम का देहांत हुआ तो आपकी कांग्रेस पार्टी पूरी सत्ता में थी, आपकी सरकार थी, लेकिन क्यों एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया? और आज आप उनके लोगों और कांशीराम को सम्मान देने की बात करते हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा दलित समाज का शोषण किया है। आनंद ने कहा, “आज जब चुनाव सिर पर हैं, तो उन्हें हमारे कांशीराम याद आ रहे हैं। आज उन्हें हमारी पार्टी और हमारा सम्मान याद आ रहा है। यह सिर्फ चुनावी स्टंट है।”