राजस्थान के दौसा जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी धाम में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से दर्शन करने आए एक ही परिवार के सात श्रद्धालु धर्मशाला के कमरे में बेहोशी की हालत में मिले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। राहत की बात यह रही कि इलाज के बाद सभी श्रद्धालुओं की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार की मुलाकात यात्रा के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति से हुई थी। श्रद्धालुओं का कहना है कि वह रास्ते भर उनके साथ रहा, खाने-पीने का सामान लाकर देता रहा और मेहंदीपुर बालाजी तक उनके साथ पहुंचा। लेकिन जब परिवार को होश आया तो वह व्यक्ति वहां से गायब था। इसी वजह से पुलिस को आशंका है कि मामले में किसी नशीले पदार्थ का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही होगी।
मेहंदीपुर बालाजी पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ आखिर क्या हुआ?
थाना प्रभारी सचिन शर्मा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से विकास, सुखवीर, ममता देवी, प्रियंका, साधना, आरती, तारा और देवी बालाजी के दर्शन के लिए आए थे। इससे पहले सभी श्रद्धालु गोगामेड़ी भी गए थे। वहीं उनकी मुलाकात एक अज्ञात युवक से हुई, जिसने धीरे-धीरे उनसे पहचान बढ़ा ली।
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि वह व्यक्ति कभी पानी तो कभी खाने-पीने का सामान लाकर देता रहा, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। बाद में वही व्यक्ति उनके साथ मेहंदीपुर बालाजी पहुंचा और धर्मशाला में कमरा लेने के दौरान भी मौजूद रहा। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य बेहोशी की हालत में मिले। होश आने पर उन्होंने देखा कि वह युवक वहां नहीं था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं श्रद्धालुओं को किसी नशीले पदार्थ का सेवन तो नहीं कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
धर्मशाला संचालक से भी होगी पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उनके इलाज से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट भी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही उस अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जो यात्रा के दौरान परिवार के संपर्क में आया था।
पुलिस धर्मशाला संचालक से भी पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर पुलिस या प्रशासन को सूचना क्यों नहीं दी गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक यात्राओं के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को सामने ला दिया है। पुलिस का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी अनजान व्यक्ति से जरूरत से ज्यादा मेलजोल बढ़ाने या उसके दिए हुए खाने-पीने की चीजें बिना सावधानी के स्वीकार करने से बचना चाहिए। फिलहाल इस मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह साफ हो सकेगी।






