अजमेर: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने गुरुवार को अजमेर में विकास कार्यों की धीमी गति और बजट घोषणाओं में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी तरह की पेंडेंसी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक का मुख्य फोकस जिले में चल रहे विकास कार्यों, पिछली सरकार द्वारा की गई बजट घोषणाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर था। दीया कुमारी ने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
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90 फीसदी घोषणाएं धरातल पर, फिर भी पेंडेंसी पर चिंता
उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष जताया कि पिछले दो वर्षों में की गई 18 से 19 महत्वपूर्ण बजट घोषणाओं में से लगभग 90 प्रतिशत धरातल पर आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों की प्रगति काफी बेहतर रही है।
हालांकि, उन्होंने यह भी उजागर किया कि करीब 19 घोषणाएं अभी भी लंबित हैं। दीया कुमारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा, “पेंडेंसी रखना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और इसे जल्द खत्म करना आवश्यक है।” उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि इन लंबित मामलों की अब राज्य स्तर पर भी निगरानी की जाएगी ताकि उन्हें तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
पेयजल व्यवस्था और अन्य योजनाओं की भी समीक्षा
बजट घोषणाओं के अलावा, बैठक में ‘वन जिला-वन प्रोडक्ट’ और राइजिंग राजस्थान के तहत हुए एमओयू जैसे कार्यक्रमों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में किसी भी कारण से देरी हो रही है, उनमें तुरंत गति लाई जाए।
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल व्यवस्था एक महत्वपूर्ण एजेंडा रहा। दीया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में कहीं भी पानी की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए अभी से प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं और एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन पर नियमित मॉनिटरिंग के जरिए लगातार नजर रख रही है, जो पहले इस स्तर पर नहीं होती थी।