Rajasthan Pensioners Pension Update 2025 : राजस्थान के लाखों पेंशनरों के लिए जरूरी खबर है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जिन पेंशनरों (वृद्वजन, विधवा एवं विशेष योग्यजन व्यक्ति)ने अबतक भौतिक सत्यापन नहीं करवाया है वे 31 दिसंबर 2025 से पहले करवा लें, अन्यथा जनवरी 2026 से पेंशन अटक सकती है या पेंशन से वंचित रहना पड़ सकता है।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर पेंशनर्स 31 दिसंबर 2025 तक बायोमैट्रिक या फेस रिकॉग्निशन तकनीक से वार्षिक सत्यापन नहीं कराते है तो उनकी वर्ष 2026 की पेंशन अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी।
इन माध्यमों से करवा सकते है सत्यापन
- पेंशन धारक द्वारा अपने वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए ई-मित्र कियोस्क, -ई-मित्र प्लस केंद्र और राजस्थान सोशल पेंशन एंड आधार फेसआरडी’ मोबाइल ऐप के जरिए बायोमेट्रिक या फेस रिकग्निशन कर सकते है।
- वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए विकसित एन्ड्राइड मोबाईल एप्प (Rajasthan Social Pension and Aadhar FaceRD) के माध्यम से लाभार्थी के फेस रिकाग्निशन के आधार पर किया जा सकेगा।
- ऐसे पेंशनर्स जो अत्यधिक वृद्धावस्था, शारीरिक अस्वस्थता के कारण वार्षिक भौतिक सत्यापन करवाने के लिए घर से बाहर जाने में असमर्थ है तो संबंधित स्वीकृतिकर्ता अधिकारियों द्वारा मोबाइल एप्प के माध्यम से घर बैठे ही वार्षिक भौतिक सत्यापन करवा सकते है।
- छाप से बायोमेट्रिक सत्यापन में कोई कठिनाई होने या आने पर पेंशनर्स अपना पीपीओ,आधार कार्ड अथवा जनआधार कार्ड लेकर उपखंड कार्यालय में उपस्थित होकर अपना वार्षिक सत्यापन करवा सकते हैं।
- अंगुली की छाप बायोमैट्रिक्स से वंचित रहे पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन आईरिस स्कैन से भी किया जा सकता है।
- यदि पेंशनर पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (विकास अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होता है, तो अधिकारी स्वयं की SSO आईडी द्वारा SSP पोर्टल पर संबंधित पेंशनर का PPO नम्बर दर्ज करने पर पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त OTP के आधार पर भौतिक सत्यापन किया जा सकता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
पेंशनरों को अपने यूडीआईडी कार्ड को जनाधार पोर्टल से लिंक कराना जरूरी है, जिनके कार्ड नहीं बने हैं, वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर नया कार्ड बनवा सकते हैं और उसका नंबर अपडेट कर सकते हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) और शहरी क्षेत्रों में एसडीएम (उपखंड अधिकारी) को सत्यापन निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी ई-मित्र संचालकों और जनसेवा केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि वे वृद्ध और दिव्यांग पेंशनरों की सहायता के लिए विशेष शिविर आयोजित करें।






