राजगढ़ के नरसिंहगढ़ में प्रभारी मंत्री के लोकार्पण कार्यक्रम में शुक्रवार को जो कुछ हुआ, वह देखकर हर कोई दंग रह गया। मंच पर कांग्रेस और भाजपा के नेता ऐसे भिड़े कि कहासुनी धक्का-मुक्की में बदल गई, और इस अफरा-तफरी के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष को भीड़ में थप्पड़ तक पड़ गया। यह घटना पूरे प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने वाली है, आखिर मंत्री के कार्यक्रम में ऐसा बवाल कैसे हो सकता है? जनता को कैसे पता चलेगा कि नेताओं को आपस में ही लड़ने से फुर्सत नहीं है।
यह वाकया नरसिंहगढ़ के बस स्टैंड के पास स्थित सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम का है। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, स्थानीय विधायक मोहन शर्मा और कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा जैसे बड़े अधिकारी और नेता मौजूद थे। बड़ी संख्या में जनता भी कार्यक्रम देखने पहुंची थी। मंच पर विधायक मोहन शर्मा अपना भाषण दे रहे थे, तभी यह पूरा हंगामा शुरू हो गया, जिसने पूरे कार्यक्रम का माहौल ही बिगाड़ दिया।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाए आरोप
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमन अरोरा ने जो बताया, वह बेहद चौंकाने वाला है। उनके मुताबिक, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पर्वत यादव और वे खुद कार्यक्रम में पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले कार्यक्रम स्थल पर घुसने ही नहीं दिया। आखिर क्यों कांग्रेस के नेताओं को रोका गया, यह सवाल बड़ा है। कुछ देर बाद तहसीलदार ने उन्हें अंदर बुलाया तो तीनों नेता मंच के ठीक सामने जाकर बैठ गए। यह घटनाक्रम भी अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।
अमन अरोरा का आरोप है कि बाद में प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप और कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने खुद चंदर सिंह सोंधिया को मंच पर बुलाया। सोंधिया जब मंच पर जाकर मंत्री और कलेक्टर से बात कर ही रहे थे, तभी विधायक मोहन शर्मा के बेटे ने उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। बस इसी बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मंच पर मौजूद कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ गए और धक्का-मुक्की का दौर शुरू हो गया। मंच पर ऐसा बवाल मचा कि माहौल पूरी तरह से बिगड़ गया, और वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष को जड़ दिया थप्पड़
माहौल इतना खराब हो गया कि पुलिस को तुरंत बीच-बचाव करना पड़ा। पुलिस ने किसी तरह चंदर सिंह सोंधिया को मंच से नीचे उतारा और अपने साथ ले जाने लगी। इसी दौरान मंच के ठीक सामने मौजूद भीड़ में से एक व्यक्ति ने जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया के गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह देखकर वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। पुलिस आनन-फानन में सोंधिया को सुरक्षा के बीच नरसिंहगढ़ थाने ले गई ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।
जैसे ही इस घटना की खबर कांग्रेस कार्यकर्ताओं तक पहुंची, वे बड़ी संख्या में नरसिंहगढ़ थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए थाने का घेराव कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया। थाने के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, आखिर कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता पर हुए हमले से नाराज थे और न्याय की मांग कर रहे थे।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लगाया हमले का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने सीधे-सीधे भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह सब जानबूझकर किया गया है और इसके पीछे गहरी साजिश है। वहीं, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद नरसिंहगढ़ में राजनीतिक माहौल बुरी तरह गरमा गया है। अब देखना होगा कि इस थप्पड़ कांड पर सियासत कितनी लंबी चलती है और कौन-कौन इसकी चपेट में आता है। आखिर मंत्री के कार्यक्रम में नेताओं का आपस में भिड़ना और थप्पड़ चलना, यह कोई छोटी बात नहीं है, इसका असर दूर तक जाएगा।





