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झाड़-फूंक के नाम पर ठगी, पीड़ित से 2.50 लाख ऐंठकर फरार हुआ तांत्रिक

Written by:Bhawna Choubey
Published:
राजगढ़ के पचोर में तांत्रिक बनकर ठगी करने वाले आरोपी ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 2.50 लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ा और ठगी की रकम व कार बरामद की।
झाड़-फूंक के नाम पर ठगी, पीड़ित से 2.50 लाख ऐंठकर फरार हुआ तांत्रिक

राजगढ़ जिले के पचोर बस स्टैंड पर एक आम शाम अचानक एक बड़ी ठगी की कहानी बन गई। इंदौर से आए एक व्यक्ति को क्या पता था कि बीमारी से राहत पाने की उम्मीद उन्हें ठग के जाल में फंसा देगी। कुछ ही मिनटों की बातचीत में एक अजनबी ने खुद को सिद्ध तांत्रिक बताया और भरोसा जीतकर उनकी गाढ़ी कमाई लेकर फरार हो गया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अकेले और परेशान लोगों को ही निशाना बनाता था। शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बस स्टैंड पर बिछाया गया तांत्रिक ठगी का जाल

घटना 30 जनवरी 2026 की शाम करीब साढ़े सात बजे की बताई जा रही है। इंदौर निवासी 44 वर्षीय जितेंद्र सिलावट पचोर बस स्टैंड पर अपनी बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे बातचीत शुरू की।

बातों ही बातों में आरोपी ने खुद को तांत्रिक बताया और कहा कि वह झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाओं से पुरानी से पुरानी बीमारी को भी ठीक कर सकता है। उसने पीड़ित की परेशानी और मानसिक स्थिति को भांप लिया और धीरे-धीरे उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। तांत्रिक ठगी का तरीका ऐसा था कि पीड़ित को भरोसा हो जाए कि सामने वाला व्यक्ति सच में मदद कर सकता है। इसी भरोसे ने जितेंद्र को बड़ी आर्थिक चोट दे दी।

मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर 2.50 लाख की ठगी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले पीड़ित को बीमारी और भविष्य को लेकर डरा दिया। उसने कहा कि अगर तुरंत तांत्रिक उपाय नहीं किया गया तो बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। डर और भ्रम की स्थिति में पीड़ित ने आरोपी की बातों पर भरोसा कर लिया। आरोपी ने कथित तांत्रिक प्रक्रिया के नाम पर उनसे 2.50 लाख रुपए नकद और एक मोबाइल फोन ले लिया। जैसे ही रकम हाथ लगी, आरोपी अपनी लग्जरी अर्टिगा कार में बैठकर वहां से भाग निकला। कुछ देर बाद पीड़ित को समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद उन्होंने पचोर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की तेज कार्रवाई, ठगी की रकम और कार बरामद

शिकायत मिलते ही पचोर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। बस स्टैंड और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने आरोपी की कार की पहचान की और उसके आधार पर तलाश शुरू की। कुछ ही समय में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से ठगी में लिए गए पूरे पैसे और वारदात में इस्तेमाल की गई लग्जरी कार भी बरामद कर ली गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी पहले भी इस तरह की ठगी में शामिल रहा है। वह अलग-अलग शहरों में जाकर खुद को तांत्रिक बताकर लोगों को ठगता था।

कैसे काम करता था यह तांत्रिक ठगी गैंग?

जांच में पता चला कि आरोपी भीड़ वाली जगहों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या अस्पतालों के आसपास घूमता था। वहां वह ऐसे लोगों को तलाशता था जो परेशान या अकेले दिखते हों। फिर बातचीत शुरू कर उनकी समस्या जानता और खुद को तांत्रिक बताकर समाधान का भरोसा देता। धीरे-धीरे वह व्यक्ति का विश्वास जीत लेता और तांत्रिक क्रिया के नाम पर पैसे ऐंठ लेता। यह तरीका खासकर उन लोगों पर काम करता था जो बीमारी, पारिवारिक तनाव या आर्थिक समस्या से परेशान होते थे।