मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में शुक्रवार को उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब नगर निगम की टीम डोसीगांव स्थित पीएम आवास योजना की बिल्डिंग में बेदखली का नोटिस चस्पा करने पहुंची। शुरुआत में कार्रवाई सामान्य तरीके से चल रही थी, लेकिन कुछ ही देर बाद वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि निगम कर्मचारियों पर पथराव और मारपीट की घटना हो गई।
इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। नगर निगम के कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
डोसीगांव पीएम आवास में नोटिस लगाने पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार नगर निगम का अमला डोसीगांव स्थित पीएम आवास योजना की बिल्डिंग में बेदखली का नोटिस लगाने पहुंचा था। प्रशासन का कहना है कि यहां लंबे समय से ऐसे परिवार रह रहे हैं जिन्होंने अभी तक मकानों की रजिस्ट्री नहीं कराई है और बैंक से जुड़े भुगतान भी पूरे नहीं किए हैं। इसी प्रक्रिया के तहत नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की जा रही थी।
जैसे ही कर्मचारियों ने बिल्डिंग में नोटिस लगाना शुरू किया, कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में माहौल पूरी तरह बदल गया और विवाद हिंसक रूप ले बैठा। इससे सरकारी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी।
नगर निगम कर्मचारियों पर पथराव और मारपीट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विरोध कर रहे लोगों ने नगर निगम के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इसके बाद पथराव भी शुरू हो गया। अचानक हुए हमले से निगम का अमला घबरा गया और अपनी जान बचाने के लिए वहां से निकलने लगा। इस दौरान कुछ कर्मचारियों के साथ मारपीट होने की भी जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। पुलिस ने पहुंचकर लोगों को समझाया और हालात को धीरे-धीरे सामान्य किया।
छह साल से बिना रजिस्ट्री रह रहे हैं करीब 200 परिवार
प्रशासन के अनुसार डोसीगांव स्थित पीएम आवास योजना की इस बिल्डिंग में करीब 200 परिवार पिछले छह वर्षों से रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने अब तक मकानों की रजिस्ट्री नहीं कराई है और कई मामलों में बैंक लोन की किश्तें भी जमा नहीं हुई हैं। इसी कारण नगर निगम द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
नगर निगम का कहना है कि संबंधित लोगों को नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानकारी देने के लिए बेदखली का नोटिस लगाया जा रहा था। प्रशासन का मानना है कि सभी प्रक्रियाएं तय नियमों के तहत पूरी की जा रही हैं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले भीड़ को नियंत्रित किया और नगर निगम कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि किसी तरह की दूसरी अप्रिय घटना न हो।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से भी बातचीत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम कमिश्नर भी पहुंचे घटनास्थल
हंगामे की सूचना मिलने के बाद नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की गई।
कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकारी काम में बाधा डालने और हिंसा करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।






