रतलाम जिले में जलजीवन मिशन परियोजना के तहत बिछाए जाने वाले लोहे के पाइप चोरी करने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक लगभग 155 पाइप चोरी किए गए थे। इस के पीछे राजस्थान के दो ठेकेदारों का हाथ है।
मामले के बारे में बिलपांक थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि राजस्थान के अलवर निवासी दो ठेकेदारों ने चोरी को अंजाम दिया है। दोनों ने चोरी किए गए पाइप हरियाणा के भिवानी में बेच दिए थे। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पाइप खरीदने वाले व्यक्ति और पूरे नेटवर्क की तलाश की जा रही है।
कंपनी ने की थी शिकायत
इस मामले में मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड हैदराबाद के मैनेजर प्रसाद की ओर से 5 दिन पहले बिलपांक थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। उन्होंने बताया था कि जल जीवन मिशन के तहत माही जल समूह प्रदाय योजना में रतलाम से लेकर इटावा खुर्द और शिवपुर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। सुराना शिवपुर रोड पर लोहे के 300 एमएम डायमीटर के 7 क्लास के 809 लोहे के पाइप रखे गए थे। बारिश की वजह से खुदाई का काम रोका गया था। जब 14 जुलाई को मौके पर पहुंचे तो 155 पाइप गायब थे। चोरी किए गए पाइप की कीमत 20 लाख रुपए बताई गई थी।
सीसीटीवी से खुला राज
शिकायत के बाद जब जांच पड़ताल की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।तब सामने आया कि 14 जुलाई की रात 2:46 पर दो लोग हाइड्रा मशीन की मदद से पाइप उठाकर आइशर ट्रकों में भर रहे थे। ये भी सामने आया कि ये मशीन सालाखेड़ी स्थित एक निजी पार्किंग में खड़ी की गई है। इसी की मदद से पुलिस राजस्थान के अलवर निवासी वसीम तक पहुंची।
मामा भांजे की साजिश
पूछताछ के दौरान आने सामने आया कि वसीम ने रावटी क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम लिया था। किसी वजह से उसका काम बंद हो गया। घर लौटते समय उसने सुराना शिवपुर रोड पर रखें पाइप चोरी करने की योजना बनाई। इस वारदात में उसने अपने मामा शाहरुख को भी शामिल किया। पॉल्यूशन दोनों आरोपियों का अलवर से गिरफ्तार कर लिया है।
बेचने के लिए हरियाणा भेजे पाइप
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया है की चोरी किए गए पाइप बेचने के लिए उन्होंने हरियाणा के भिवानी निवासी आरिफ मेवाती के पास भेजें हैं। आरिफ की गिरफ्तारी के लिए एक टीम हरियाणा भेजी गई है। इसके अलाव ट्रक और हाइड्रा मशीन के चालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस मामले में आरोपियों ने राजस्थान के दौसा से भी पाइप चोरी करने की बात स्वीकार की है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। समान बरामद करने के साथ पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस की जांच जारी है।






