रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में अवैध खनन माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि अब सरकारी अधिकारियों पर भी खुलेआम हमले किए जा रहे हैं। नया मामला आलोट के देवगढ़ और हिम्मतखेड़ी पंचायत का है जहां पदस्थ हल्का पटवारी अजय चौहान पर कथित रूप से 4-5 खनन माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। इतना ही नहीं आरोप है कि आरोपियों ने पटवारी को बुलडोजर से कुचलने का भी प्रयास किया एवं उनका हाथ तोड़ दिया। साथ ही कार्रवाई से जुड़ा पंचनामा फाड़कर सरकारी काम में बाधा उत्पन्न की। हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, हल्का पटवारी अजय चौहान गांव के चौकीदार भगवानलाल के साथ सरकारी कार्यों के संबंध में क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान नाले के पास एक बुलडोजर से अवैध उत्खनन होता हुआ दिखाई दिया। जब पटवारी ने संबंधित दस्तावेजों की जांच की तो मौके पर वैध अनुमति या आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर मौके पर पंचनामा कर कार्रवाई की। तभी मौके पर उपस्थित लोगों ने पटवारी के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया एवं धक्का-मुक्की की।
पटवारी को हुआ हाथ फ्रैक्चर
आरोप लगाया गया है कि बुलडोजर के बकेट से हमला किया गया और हाथ को स्टीयरिंग में फंसाकर मरोड़ दिया गया, जिससे उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद ट्रॉला चढ़ाकर जान से मारने की भी कोशिश की गई। आरोपियों ने कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज भी फाड़कर फेंक दिए और मौका देखकर फरार हो गए।
वहीं, इस पूरी घटना की सूचना मिलते ही अन्य पटवारी एवं ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद घायल पटवारी को तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां उनका प्राथमिक उपचार हुआ एवं अच्छे इलाज के लिए तुरंत की रतलाम रेफर कर दिया गया।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
इस पूरी घटना के बाद तहसीलदार वंदना किराड़े ने मामले का प्रतिवेदन पुलिस को सौंप दिया है। इसके बाद बरखेड़ा थाना प्रभारी पतीराम डावरे ने भी मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि घायल पटवारी के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सरकरी काम में बाधा, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शासकीय कर्मचारियों पर इस तरह के जानलेवा हमले किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों ने दोषियों की जल्दी गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की है।





