रतलाम जिले की पिपलोदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव में अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया। करीब 800 आबादी वाले इस गांव में एक साथ दर्जनों लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बीमारी की वजह गांव के कुएं का दूषित पानी हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में अस्थायी मेडिकल कैंप लगाकर 80 से अधिक ग्रामीणों की जांच की। जरूरतमंद मरीजों को दवाइयां दी गईं, जबकि गंभीर हालत वाले 21 लोगों को पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें 9 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं।
दूषित पानी की आशंका पर जांच तेज
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने के लिए मुख्य रूप से एक मीठे पानी वाले कुएं का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले तीन दिनों से इसी पानी का उपयोग करने वाले कई लोगों में एक जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कुएं को एहतियात के तौर पर सील कर दिया।
पीएचई विभाग ने पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम भी बीमारी के कारणों की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बीमारी की असली वजह दूषित पानी है या कोई अन्य कारण।
टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा
फिलहाल गांव में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। साथ ही कुएं में क्लोरीनेशन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पानी की गुणवत्ता पूरी तरह सुरक्षित नहीं पाई जाती, तब तक ग्रामीणों को उस कुएं का पानी इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नल-जल योजना छोड़ कुएं पर निर्भर ग्रामीण
गांव के लोगों के अनुसार, यहां दो सरकारी कुएं हैं, लेकिन अधिकांश परिवार मीठे स्वाद वाले एक ही कुएं का पानी पीते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के तहत मिलने वाले पानी की सप्लाई नियमित नहीं रहती और उसका स्वाद भी उन्हें पसंद नहीं आता। इसी कारण लोग वर्षों से कुएं के पानी पर निर्भर हैं।
ग्राम पंचायत के अनुसार, करीब एक महीने पहले इसी कुएं के पानी की जांच कर उसे पीने योग्य बताया गया था। वहीं सरपंच ने जानकारी दी कि दो दिन पहले कुएं की गाद भी निकाली गई थी, हालांकि पूरी सफाई के लिए पानी पूरी तरह खाली करना जरूरी होता है, जिसका कई बार ग्रामीण विरोध करते हैं।






