मध्य प्रदेश में घूसखोरी पर लगातार एक्शन के बाद भी भ्रष्ट शासकीय सेवक अपनी आदत नहीं बदल रहे, उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने रतलाम जिले के सरकारी स्कूल में पदस्थ एक ऐसे ही रिश्वतखोर क्लर्क को पकड़ा है जो रिटायर्ड शिक्षक से रिश्वत ले रहा था
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय उज्जैन से मिली जानकारी के मुताबिक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटपिपल्या (ब्लॉक जावरा) जिला रतलाम के सेवानिवृत्त उच्च माध्यमिक शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट ने एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उन्होंने कमला नेहरू शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र जावरा रतलाम में पदस्थ क्लर्क आनिल वर्मा पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
शिकायती आवेदन में लक्ष्मीनारायण लोट ने बताया कि वे 31 मई 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटपिपल्या (ब्लॉक जावरा) से रिटायर हुए हैं, उनका सेवानिवृति प्रमाणपत्र और पीपीओ जारी होना है इसके लिए उन्होंने संकुल केंद्र कमला नेहरू शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय जावरा में आवेदन किया तो यहाँ पदस्थ सहायक ग्रेड-2 अनिल वर्मा ने उनसे रिश्वत की मांग की।
सेवानिवृति प्रमाणपत्र और पीपीओ जारी करने मांगे 20000/- रुपये
उन्होंने कहा कि क्लर्क अनिल वर्मा ने उनसे 20 हजार रुपये की मांग की लेकिन जब उनसे इतनी राशि देने में मैंने असमर्थता जताई तो वे 10 हजार रुपये लेने पर राजी हो गए लेकिन स्पष्ट कह दिया कि रिश्वत नहीं दोगे तो सेवानिवृति प्रमाणपत्र और पीपीओ नहीं मिलेगा।
क्लर्क ने रिटायर्ड शिक्षक को रिश्वत देने ऑफिस बुलाया
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस उज्जैन की टीम ने सत्यापन के लिए रिटायर्ड शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट को एक टेप रिकॉर्ड दिया और क्लर्क से रिश्वत देने आने की जगह, दिन और समय पूछने के लिए कहा, जैसा पुलिस ने कहा वैसा आवेदक लक्ष्मीनारायण लोट ने किया जिसमें रिश्वत लेने की बात का सबूत मिल गया, क्लर्क अनिल वर्मा ने आज 9 जून को 10 हजार रुपये लेकर लक्ष्मीनारायण लोट को अपने ऑफिस बुलाया ।
सबूत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने ट्रैप दल गठित किया और रिटायर्ड शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट को लेकर संकुल केंद्र कमला नेहरू शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय जावरा पहुंची , यहाँ सेवानिवृत्त शिक्षक ने क्लर्क को 10 हजार रुपये दिए और बाहर खड़ी टीम को इशारा दे दिया रुपये जो क्लर्क अनिल वर्मा ने अपनी टेबल पर रखे रजिस्टर के नीचे छिपा दिया ।
क्लर्क ने हाथ में ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा
इशारा मिलते ही लोकायुक्त पुलिस की टीम कार्यालय में आ धमकी और अनिल वर्मा को पकड़ लिया, तलाशी में उनकी टेबल पर रजिस्टर के नीचे रखे 10000/- रुपये मिले गए। लोकायुक्त पुलिस टीम ने क्लर्क अनिल वर्मा के हाथ धुलवाए जो गुलाबी हो गए यानि रिश्वत लिए जाने की पुष्टि हो गई, जिसके बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने अनिल वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।






