भारत की विदेश नीति में यूरोप अब पहले से कहीं ज्यादा अहम होता जा रहा है। इसी रणनीति के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई तक तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर जा रही हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह यात्रा मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत की मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस दौरान राष्ट्रपति कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी, बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी और भारतीय समुदाय से भी बातचीत करेंगी।
इस यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भारत अब केवल फ्रांस, जर्मनी या ब्रिटेन जैसे बड़े यूरोपीय देशों तक सीमित नहीं रहना चाहता। सरकार अब उन देशों के साथ भी रिश्ते मजबूत कर रही है, जो भविष्य में निवेश, सप्लाई चेन, ऊर्जा और व्यापार के लिहाज से अहम भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि मोल्दोवा और उत्तरी मकदूनिया में पहली बार किसी भारतीय राष्ट्रपति का दौरा हो रहा है, जबकि रोमानिया में राष्ट्रपति स्तर की यात्रा 32 साल बाद हो रही है।
भारत की 3T रणनीति पर रहेगा पूरा फोकस
इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत की 3T नीति यानी Trade, Technology और Tourism को आगे बढ़ाना है। राष्ट्रपति के साथ भारतीय उद्योग जगत का एक प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा, जो अलग-अलग देशों के कारोबारियों और निवेशकों से मुलाकात करेगा। डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, शिक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी।
विदेश मंत्रालय का मानना है कि आने वाले वर्षों में यूरोप भारत के लिए सबसे बड़े निवेश और व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो सकता है। भारत-यूरोपीय संघ के बीच चल रहे आर्थिक सहयोग और मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में भी यह यात्रा अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ता है तो भारतीय कंपनियों को यूरोप में नए अवसर मिलेंगे और दोनों पक्षों के बीच निवेश भी तेजी से बढ़ सकता है।
भारत को क्या होगा फायदा?
राष्ट्रपति मुर्मू सबसे पहले मोल्दोवा जाएंगी, जहां राष्ट्रपति माया संदू, संसद अध्यक्ष इगोर ग्रोसु और भारत-मोल्दोवा संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से मुलाकात करेंगी। यहां बिजनेस फोरम और भारतीय समुदाय के साथ संवाद भी होगा।
इसके बाद राष्ट्रपति उत्तरी मकदूनिया पहुंचेंगी, जहां राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा, प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजन मिकोस्कोवस्की और संसद के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें होंगी। राष्ट्रपति वहां की संसद को भी संबोधित करेंगी और भारत-उत्तरी मकदूनिया बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगी।
Special Briefing by MEA on the visit of President to Moldova, North Macedonia and Romania
https://t.co/mOMMEeGLS6— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 17, 2026
यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति रोमानिया जाएंगी। रोमानिया भारत के लिए यूरोप का अहम लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब माना जाता है। यहां राष्ट्रपति निकुसोर डैन से मुलाकात के अलावा बिजनेस फोरम और भारतीय समुदाय से संवाद का कार्यक्रम है। रोमानिया में पहले से सैकड़ों भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है।






