दिल्ली पुलिस आज सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर अपने साथ अस्पताल ले गई है। जहां डॉक्टर्स की टीम उनकी देखरेख कर रही है। बता दें कि सोनम पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। उन्हें हटाने के बाद मौके से प्रदर्शनकारियों को भी हटाया जा रहा है।
सोनम वांगचुक यहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें जंतर मंतर से हटाने के बाद समाजवादी पार्टी की पहली प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
सोनम वांगचुक के लिए डिंपल यादव की प्रतिक्रिया
मैनपुर से समाजवादी पार्टी की सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने जंतर मंतर से सोनम वांगचुक को हटाने के दिल्ली पुलिस के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहां कि बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाज को दबाया जाता है तो संविधान और लोकतंत्र आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।
बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लेकर आए हैं।
जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं।
सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज़ दबाना, देश की आत्मा को दबाना है। pic.twitter.com/mFVCA0CRtA
— Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक ओर पोस्ट की जिसमें उन्होंने लिखा सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना एक कार्रवाई नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है। भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं यह तानाशाही है।
सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है।
भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं – यह तानाशाही है।— Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
सोनम वांगचुक को क्यों हटाया?
सोशल एक्टिविस्ट सोनम पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। अब 21वें दिन पुलिस उन्हें मौके से हटाकर अस्पताल ले गई। पुलिस ने यह जानकारी दी है कि हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर यह कदम उठाया गया है। सोनम की बिगड़ी हुई सेहत और जरूरी मेडिकल देखभाल के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से जंतर मंतर से हटने की अपील की है। बता दें कि डिंपल यादव 16 जुलाई को सांसदों और विधायकों के साथ जंतर मंतर पहुंची थी। उन्होंने वांगचुक और अभिजीत दीपके से मुलाकात करने के बाद इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए थे।






