आज भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने के लिए तैयार है। अंतरिक्ष की ओर स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम 1 की ये उड़ान और भी खास होने वाली है क्योंकि ये अपने साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश लेकर जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट को भेजे गए पोस्टकार्ड पर विशेष संदेश लिखा है। यह कार्ड दुनिया भर के लोगों की शुभकामनाओं और आकांक्षाओं से जुड़े हुए अन्य सैकड़ो कार्ड के साथ पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर जाएगा। विक्रम 1 की इस उड़ान के लिए भारतीयों में काफी उत्साह है।
आज उड़ान भरेगा विक्रम 1
स्काईरूट एयरोस्पेस ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विक्रम 1, टेस्ट फ्लाइट 1 पर ले जाए जा रहे पेलोड में एक बहुत खास चीज जा रही है। वह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ से लिखा हुआ पोस्टकार्ड जिसपर वंदे मातरम लिखा हुआ है। यह भी कहा गया है कि अंतरिक्ष में हर नया उपग्रह पृथ्वी पर जीवन बदल देता है। इसका इंटरनेट कनेक्टिविटी, मौसम पूर्वानुमान, नेविगेशन, प्रेसीजन एग्रीकल्चर, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन से लड़ाई और राष्ट्रीय सुरक्षा में काफी मदद मिलती है।
Among the payloads on Vikram-1 Test Flight-1 is something truly special—a handwritten postcard from Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi with the words, “Vande Mataram.” 🇮🇳🚀
It travels to space alongside handwritten messages from our team, investors, policymakers, and… pic.twitter.com/sJajN6NiVJ
— Skyroot Aerospace (@SkyrootA) July 17, 2026
भारत का निजी क्षेत्र है स्काईरूट
हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र है। आज उड़ान भरने वाला विक्रम 1 भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने की नीति का सफल उदाहरण है। पूर्व इसरो वैज्ञानिक पवन चंदना और नागा भारथ डाका ने 2018 में इस कंपनी की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने का समर्थन किया था और इन स्टार्टअप्स को इसरो की सुविधाओं और विशेषज्ञता तक पहुंच भी प्रदान की।
क्या है विक्रम-1 मिशन
विक्रम-1 रॉकेट का नाम डॉ विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। यह रॉकेट भारतीय और विदेशी लोगों के लिए उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने का काम करेगा। इसके पहले 2022 में विक्रम-S सब ऑर्बिटल ने भी सफलतापूर्वक उड़ान भरी थी।






