रतलाम जिले के हतनारा गांव में गुरुवार को मोहर्रम के मौके पर निकाले जा रहे ताजिया जुलूस के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, पंचमुखी महादेव मंदिर के पास से गुजरते समय लगभग 10 फीट ऊंचा ताजिया ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया।
लाइन के संपर्क में आते ही तेज करंट फैल गया, जिससे जुलूस में शामिल कई लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े।
स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं दो अन्य गंभीर घायलों की भी मौत होने की सूचना सामने आई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया, ताकि किसी और व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ताजिया गुजरते समय उसकी ऊंचाई हाईटेंशन लाइन के काफी करीब पहुंच गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था और जुलूस के रूट का पहले से निरीक्षण किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद गांव और आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे। प्रशासन ने कहा है कि सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है और मामले की हर पहलू से जांच होगी। आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जुलूस निकालते समय क्यों जरूरी है सावधानी?
धार्मिक जुलूसों में कई बार ऊंचे ताजिए, रथ या झांकियां निकाली जाती हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान सबसे बड़ा खतरा ऊपर से गुजरने वाली बिजली की हाईटेंशन लाइनों से होता है। यदि पहले से रूट का निरीक्षण नहीं किया जाए या बिजली विभाग के साथ समन्वय न हो, तो इस तरह के गंभीर हादसे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन से पहले प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग को संयुक्त रूप से पूरे मार्ग का निरीक्षण करना चाहिए। जहां हाईटेंशन लाइनें हों, वहां या तो अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बंद की जाए या सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की जाए। इससे ऐसे हादसों की संभावना काफी कम हो सकती है।
फिलहाल रतलाम के हतनारा गांव में हुए इस हादसे की जांच जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है, क्योंकि कुछ घायलों का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।






