रविवार सुबह तड़के यात्रियों से भरी त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में अचानक आग लग गई, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। दरअसल यह घटना रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र से गुजर रही ट्रेन नंबर 12431 में सुबह लगभग 5:30 बजे लूणी रीछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच हुई। वहीं ट्रेन दिल्ली की ओर अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी यह अप्रत्याशित हादसा सामने आया।
वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले वातानुकूलित कोच बी-1 में लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने देखते ही देखते पास के एक अन्य कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देख ट्रेन में लगे सुरक्षा हूटर बजने लगे, जिसने यात्रियों को खतरे के प्रति सचेत किया। हूटर की आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपनी जान बचाने के लिए कोच से बाहर निकलने लगे।
सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
गनीमत रही कि रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा दल ने अत्यंत तत्परता और सूझबूझ का परिचय दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को शांत रखने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में रेलवे स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रारंभिक सूचना में किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है। समय रहते यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन की प्रशंसा की जा रही है।
डीआरएम अश्वनी कुमार घटनास्थल पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ रेल अधिकारी स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझ गए। यद्यपि घटना स्थल राजस्थान के कोटा रेल मंडल क्षेत्र में आता है, लेकिन भौगोलिक रूप से रतलाम रेल मंडल मुख्यालय निकट होने के कारण रतलाम मंडल के डीआरएम अश्वनी कुमार भी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रेलवे द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना राहत ट्रेन और टॉवर वैगन को भी मौके पर भेजा गया, ताकि आग बुझाने और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, उनकी प्राथमिकता सबसे पहले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उसके बाद ट्रैक पर यातायात को सामान्य करना है। इस अप्रत्याशित घटना के चलते दिल्ली की ओर जा रही इस महत्वपूर्ण रेलगाड़ी का परिचालन बाधित हुआ। आग लगने के बाद कुछ समय तक रेल यातायात प्रभावित रहा, जिससे इस मार्ग पर चलने वाली अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा।






