रतलाम शहर के सैलाना बस स्टैंड के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब थोक सब्जी मंडी के बाहर बनी 7 दुकानों की गैलरी शनिवार रात अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। गनीमत यह रही कि हादसा देर रात में हुआ जब मंडी का बाजार पूरी तरह बंद था और वहां कोई मौजूद नहीं था। इस वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया, वरना दिन के समय यहां काफी भीड़ रहती है।
टीन शेड, शटर और बिजली के मीटर टूटे
गैलरी के अचानक नीचे गिरने से दुकानों के आगे लगे टीन के शेड, लोहे के शटर, बिजली के मीटर और वायरिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। रात में खबर मिलते ही घबराए दुकानदार मौके पर पहुंचे। रविवार सुबह मुख्य सड़क पर मलबे का ढेर लगा रहा और वहां से गुजरने वाले राहगीर रुक-रुककर इस नुकसान को देखते रहे। जिन दुकानों को नुकसान पहुंचा है, उनमें अनाज, कपास, वेल्डिंग और पान मसाले की दुकानें शामिल हैं।
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40 साल पुरानी जर्जर इमारत पर रातभर चलीं तेज हवाएं बनीं हादसे की वजह
स्थानीय लोगों और दुकानदारों के मुताबिक, शनिवार देर रात से रतलाम में तेज ठंडी हवाएं चल रही थीं, जो रविवार सुबह तक जारी रहीं। मंडी प्रशासन की ये दुकानें करीब 40 साल पुरानी बताई जा रही हैं, जिन्हें लीज पर दिया गया था। इमारत पहले से ही काफी जर्जर हालत में थी और माना जा रहा है कि तेज हवा के थपेड़ों को कमजोर गैलरी बर्दाश्त नहीं कर सकी और सीधे नीचे आ गिरी।
आसपास की बाकी दुकानों पर भी मंडरा रहा खतरा
इस हादसे के बाद मंडी परिसर की अन्य दुकानों की सुरक्षा को लेकर भी दुकानदारों में गहरी चिंता देखने को मिल रही है। मंडी गेट के पास एक ही लाइन में बनी इन दुकानों की दीवारें आपस में जुड़ी हुई हैं और पास की कई अन्य गैलरियां भी खस्ताहाल स्थिति में हैं। दुकानदारों ने मांग की है कि हादसे से सबक लेते हुए मंडी प्रशासन तुरंत बाकी जर्जर हिस्सों की जांच कराए और समय रहते मरम्मत का काम शुरू करे।