डोल ग्यारस के मौके पर आयोजित भजन संध्या के दौरान रतलाम पुलिस पर पथराव का मामला सामने आया है। दरअसल मंच पर चढ़ने को लेकर शुरू हुए विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक समझाने पहुंची टीम पर पत्थर बरसाए गए जिसमें थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं घटना के बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
दरअसल रतलाम जिले के रिंगनोद थाना क्षेत्र के पिपलिया जोधा गांव में मंगलवार रात हुए इस घटनाक्रम ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। वहीं घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
रतलाम पुलिस पर पथराव कैसे हुआ?
दरअसल डोल ग्यारस के मौके पर गांव के सरकारी स्कूल के पास भजन संध्या का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान सुनील गायरी नाम का युवक मंच पर चढ़ गया। आयोजन समिति ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। वहां पहले से तैनात कॉन्स्टेबल घनश्याम कुमावत और संतोष ने युवक को समझाकर शांत करने की कोशिश की।
पुलिसकर्मियों को धमकी दी
पुलिस के मुताबिक युवक वहां से जाते समय पुलिसकर्मियों को धमकी देकर चला गया। इसके बाद रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद और माननखेड़ा चौकी प्रभारी राजेश मालवीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान युवक अपने परिजनों और साथियों के साथ हाथों में पत्थर लेकर पहुंचा और अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया। वहीं पत्थरबाजी में कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह हाड़ा के सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें तीन से चार टांके आए। थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के सिर और कमर के पीछे चोट आई जबकि कॉन्स्टेबल अनिल डांगी भी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपियों ने डंडों से भी मारपीट की जिससे अन्य जवानों को भी चोटें आईं।
6 आरोपी गिरफ्तार
वहीं घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय सरपंच प्रतिनिधि और ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की। घायल पुलिसकर्मियों को जावरा के सरकारी अस्पताल ले जाकर प्राथमिक इलाज कराया गया। पुलिस ने सुनील, दिलीप, जितेंद्र, रामसुख, कैलाश और अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि धाबूपाई की तलाश जारी है। सभी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और गंभीर अपराध की धाराएं लगाई गई हैं।






