रतलाम के शासकीय डॉ. कैलाशनाथ काटजू लॉ कॉलेज में गरबा विवाद एक बार फिर सड़क पर पहुंच गया है। दरअसल हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र भी कॉलेज के बाहर आ गए जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई। हंगामे के बीच एक पदाधिकारी के बयान को लेकर विवाद और बढ़ गया जबकि कॉलेज प्रशासन ने दोहराया कि परिसर में कपल गरबा नहीं हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति संभाली।
दरअसल स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। कॉलेज का मुख्य गेट बंद कराया गया और छात्रों को परिसर के अंदर भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को अलग कर माहौल शांत कराया गया।
इस बयान के बाद बढ़ा विवाद
वहीं हंगामे के दौरान हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य राजेश कटारिया ने छात्रों से कहा “ज्यादा नचवाने का शौक है तो अपनी बहन-बेटियों को लेकर आओ।” इस बयान के बाद विवाद और तेज हो गया। हालांकि बाद में कटारिया ने कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक आयोजन में कपल गरबा को लेकर सवाल उठाना था। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनुराधा तिवारी ने फिर स्पष्ट किया कि कॉलेज परिसर में कपल गरबा नहीं हुआ था। उनके मुताबिक गणेशोत्सव के तहत छात्र-छात्राओं ने सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी थी और इसे गलत तरीके से कपल गरबा बताया गया।
जानिए सोमवार से बुधवार तक कैसे बढ़ा पूरा विवाद
दरअसल लॉ कॉलेज में 10 दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान सोमवार को आरती के बाद छात्राओं ने गरबा किया था। इसी दौरान हिंदू संगठनों के कुछ सदस्य कॉलेज पहुंचे और कपल गरबा होने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। उस समय भी पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा था। इसके अगले दिन कॉलेज के छात्र और स्टाफ कलेक्टर व एसपी के नाम ज्ञापन देने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोगों ने कॉलेज में घुसकर हंगामा किया और प्रिंसिपल तथा छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया।
इसी बीच सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी बढ़ी। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि छात्रों ने चुनौती भरे संदेश भेजे थे जिसके बाद वे कॉलेज पहुंचे। बुधवार को हिंदू जागरण मंच के बैनर तले विरोध प्रदर्शन का ऐलान हुआ। इसमें राजेश कटारिया, सिद्धार्थ पंड्या, संस्कृति बचाओ अभियान के अभिषेक उपाध्याय समेत कई लोग पहुंचे। पुलिस के अनुसार भीड़ बढ़ने के बाद अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।






