रतलाम से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल मंगलवार सुबह ईसरथुनी क्षेत्र में एक ट्रक पर ऊंची पहाड़ी से पत्थर फेंका गया जिससे आगे का शीशा टूट गया और चालक को करीब 35 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना रतलाम और झाबुआ के एसपी की सुरक्षा समीक्षा बैठक के अगले ही दिन हुई जिससे एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
वहीं घटना के बाद चालक ने तुरंत ट्रक रोका और आसपास देखा तो पहाड़ी पर कुछ नाबालिग बच्चे हाथों में पत्थर लिए दिखाई दिए। उन्होंने मोबाइल से उनका वीडियो बनाते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन सभी वहां से भाग गए। चालक का कहना है कि अगर पत्थर सीधे केबिन में लगता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
35 हजार रुपए का नुकसान हुआ
दरअसल घटना स्थल से कुछ दूरी पर स्थित धामनोद टोल प्लाजा पहुंचकर चालक ने पूरी जानकारी टोल कर्मचारियों को दी। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल टैक्स वसूलने के बावजूद एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है। चालक के मुताबिक ट्रक के आगे के शीशे को नुकसान पहुंचने से करीब 35 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। शिकायत दर्ज कराने के बाद वह रतलाम के लिए रवाना हो गया। इस घटना ने एक बार फिर उन वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है जो रोजाना इस एक्सप्रेस-वे से लंबी दूरी तय करते हैं।
SP की बैठक के अगले दिन हुई घटना
वहीं पत्थरबाजी की लगातार घटनाओं को देखते हुए सोमवार को रतलाम एसपी अमित कुमार, झाबुआ एसपी देवेंद्र पाटीदार और एनएचएआई अधिकारियों ने संयुक्त बैठक की थी। बैठक में एक्सप्रेस-वे के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने, गश्त तेज करने और पत्थर फेंकने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने पर चर्चा हुई थी। लेकिन बैठक के अगले ही दिन हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पत्थर फेंकने वाले कौन हैं और क्या पहले की घटनाओं से उनका कोई संबंध है।
दरअसल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे देश के सबसे अहम हाई-स्पीड कॉरिडोर में शामिल है और इस मार्ग से रोजाना हजारों ट्रक, बसें और निजी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में लगातार हो रही पत्थरबाजी की घटनाएं न सिर्फ वाहन चालकों में डर पैदा कर रही हैं बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता बढ़ा रही हैं।






