Surya Grahan 2025: मार्च में साल का पहला सूर्य ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं? सूतककाल मान्य होगा? राशियों पर कैसा असर? जानें डिटेल्स

ज्योतिष के मुताबिक, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है, तो सूर्य ग्रहण लगता है।
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Surya Grahan 2025: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों की तरह ग्रहण का बड़ा महत्व माना जाता है ।खास करके धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को महत्वपूर्ण माना गया है। जब भी कोई ग्रहण लगता है तो उस घटना को खगोलीय घटनाओं में एक माना जाता है। साल 2025 में पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगेगा ।

ये आशिंक सूर्य ग्रहण होगा, ऐसे में यह भारत में दिखाई नहीं देगा और ना ही इसका सूतक काल मान्य होगा।भारतीय समयानुसार यह ग्रहण 2 : 20 मिनट पर शुरू होगा और 6 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा। ये ग्रहण 03 घंटे 53 मिनट की कुल अवधि के साथ लगेगा। खास बात ये है कि इसी दिन न्याय और दंड के देवता शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।

इन देशों में दिखेगा ग्रहण का नजारा

यूरोप, एशिया के कुछ हिस्से, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर में देखा जा सकेगा।इन देशों पर यह ग्रहण दिखाई देगा, वहां सूतक ग्रहण के 12 घंटे पहले से शुरू हो जाएगा।

कब लगता है सूर्य ग्रहण?

  • ज्योतिष के मुताबिक, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है, तो सूर्य ग्रहण लगता है। जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक लाइन में सीधे नहीं होते। इस कारण चंद्रमा सूर्य के कुछ हिस्से को ही ढक पाता है, वही अन्य सूर्य ग्रहण में लोकेशन के कारण भी आंशिक सूर्य ग्रहण दिखता है।
  • वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर हो। तब यह पूरी तरह सूर्य को ढक नहीं पाता, जिस कारण हमें सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में एक ‘आग की रिंग’ दिखती है। हाइब्रिड सूर्य ग्रहण को वलयाकार-पूर्ण ग्रहण कहा जाता है। इसमें यह सूर्य को पूरी तरह ढंकता है, लेकिन कुछ हिस्सा खुला रह जाता है।

मार्च में सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का अद्भुत संयोग

ज्योतिष शास्त्र में न्याय व दंड के देवता शनि और ग्रहों के राजा सूर्य की भूमिका ज्योतिष में बेहद अहम मानी जाती है।जहां शनि एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्ष का समय लेते है, वही सूर्य हर माह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते है।वर्तमान में शनि अभी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं और मार्च 2025 में मीन राशि में प्रवेश करेंगे, इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण( Surya Grahan) भी पड़ने वाला है, ऐसे में एक ही दिन शनि गोचर और सूर्य ग्रहण का संयोग देखने को मिलेगा।

राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

धनु राशि के लिए सूर्य ग्रहण और शनि गोचर बेहद शुभ होगा। जातकों का मान सम्मान बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।मकर राशि के लिए वरदान से कम नहीं होगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों से राहत और नौकरी में नई अवसर मिल सकते है।मिथुन राशि के जातकों को व्यापार में आकस्मिक धन लाभ, भाग्योदय, नौकरी में प्रमोशन और छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा।कुंभ , वृषभ और मकर के लिए सूर्य ग्रहण शुभ साबित होगा।

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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