अधिक मास को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि इस दौरान किए गए पूजा-पाठ, दान और वास्तु उपायों का कई गुना अधिक फल मिलता है।
दरअसल, अधिक मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं होता, बल्कि यह अपने घर और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी अवसर माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दौरान अगर घर की दिशा, सफाई और ऊर्जा पर ध्यान दिया जाए तो रुके हुए काम बनने लगते हैं।
अधिक मास में क्यों खास माने जाते हैं वास्तु उपाय?
अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भगवान विष्णु का प्रिय महीना होता है। इस दौरान किए गए शुभ कार्य और पूजा जल्दी फल देते हैं।
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक मास में वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में घर की सफाई, पूजा और कुछ छोटे वास्तु उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। दरअसल, कई लोग इस महीने में अपने जीवन की परेशानियों से राहत पाने के लिए विशेष उपाय करते हैं।
मुख्य द्वार पर हल्दी का पानी छिड़कने से आती है सकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। कहा जाता है कि घर में प्रवेश करने वाली ऊर्जा सबसे पहले मुख्य द्वार से ही आती है। इसलिए अधिक मास में मुख्य द्वार की सफाई और शुद्धि का विशेष महत्व होता है।
अगर आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं या घर में नकारात्मक माहौल बना रहता है, तो हल्दी के पानी का उपाय आपके लिए लाभकारी हो सकता है। इसके लिए गंगाजल में थोड़ी हल्दी मिलाकर आम के पत्तों की मदद से मुख्य द्वार पर छिड़काव करें।
उत्तर-पूर्व दिशा की सफाई से बढ़ता है धन का प्रवाह
घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को वास्तु में बेहद पवित्र माना गया है। यह दिशा भगवान का स्थान मानी जाती है और इसे धन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है।
अधिक मास में इस दिशा को साफ-सुथरा और हल्का रखना बेहद जरूरी माना जाता है। अगर इस कोने में बेकार सामान, गंदगी या भारी वस्तुएं रखी हों, तो घर में मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है।
तुलसी का पौधा बदल सकता है घर का वातावरण
हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है। अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण इस महीने तुलसी पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में तुलसी का पौधा होना शुभता का संकेत माना जाता है। खासकर उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
अधिक मास में दीपदान का क्यों है विशेष महत्व?
अधिक मास में दीपदान को बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक जलाने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण शुद्ध बनता है। वास्तु विशेषज्ञ कहते हैं कि शाम के समय घर के मंदिर, मुख्य द्वार और तुलसी के पास दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
घर में भूलकर भी न रखें ये चीजें
अधिक मास में जहां शुभ कार्यों का महत्व बढ़ जाता है, वहीं कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में टूटी-फूटी चीजें, बंद घड़ियां, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं।
दरअसल, कई लोग सालों तक बेकार सामान घर में जमा करके रखते हैं, जिससे घर की ऊर्जा प्रभावित होती है। अधिक मास को घर की सफाई और पुराने सामान हटाने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।
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