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वट सावित्री व्रत के लिए घर के पास नहीं है बरगद? इस विधि से करें पूजा, इन नियमों का रखें ध्यान

Written by:Diksha Bhanupriy
Published:
वट सावित्री व्रत इस साल 16 मई को किया जाने वाला है। इस दिन किस विधि से पूजा करनी और किन नियमों का ध्यान रखना है, चलिए जान लेते हैं।
वट सावित्री व्रत के लिए घर के पास नहीं है बरगद? इस विधि से करें पूजा, इन नियमों का रखें ध्यान

वट सावित्री व्रत का सुहागिन महिलाओं के बीच बहुत महत्व माना गया है। यह हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख व्रत और त्योहारों में से एक है। दरअसल, यह व्रत स्त्रियों के सुहाग से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि अपने सुहाग की रक्षा के लिए महिलाएं हर साल वट सावित्री का व्रत करती हैं।

इस साल 16 मई 2026 को ये व्रत रखा जाने वाला है। इस दिन को लेकर जो कथा मिलती है। उसके मुताबिक बरगद के पेड़ के नीचे ही सावित्री के पति को जीवनदान मिला था। तब से पत्नी अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए ये व्रत करती हैं। चलिए हम आपको इस व्रत की विधि और कुछ नियमों के बारे में बताते हैं।

वट वृक्ष ना मिले हो कैसे करें पूजा

आजकल शहरीकरण की वजह से बरगद के पेड़ का घर के आसपास मिलना मुश्किल होता है। बड़ी बड़ी सोसाइटी में भी ऐसे विशालकाय पेड़ कम लगाए जाते हैं। ऐसे में पूजा करने के लिए आप व्रत से एक दिन पहले वट वृक्ष की टहनी लाकर गमले में लगा सकते हैं। व्रत के दिन आप इस गमले में लगी टहनी की पूजा कर सकते हैं।

कैसे करें वट सावित्री व्रत पूजा

  • वट सावित्री व्रत के दिन पेड़ पर सबसे पहले जल और दूध अर्पित करें।
  • इसके बाद पेड़ पर कुमकुम, रोली, हल्दी अर्पित करें।
  • अब आपको वृक्ष की 7 परिक्रमा कच्चा सूत लपेटना होगा।
  • पूजा के दौरान अपने पति की लंबी आयु की कामना करें।

इन नियमों का रखें ध्यान

  • वट सावित्री व्रत के दिन स्नान करने के बाद लाल या पीले कपड़े पहने और 16 श्रृंगार जरूर करें।
  • जो सूत का धागा वट वृक्ष के चारों ओर लपेटा जाता है। उसे 7, 12, 51 या 108 बार लपेटा जाता है।
  • पूजा के दौरान भीगे हुए चने, बांस का पंखा, कलावा, धूप, दीप, जल और फल विशेष रूप से अर्पित करें।
  • इस दिन काले, नीले या सफेद रंग के कपड़े नहीं पहने जाते। लाल पीला या गुलाबी रंग धारण करें।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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