कई लोग पितृदोष, घर में तनाव, काम में रुकावट और मानसिक परेशानी जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में रविवार के कुछ आसान उपाय राहत देने वाले माने जाते हैं। खास बात यह है कि इन उपायों को करने के लिए ज्यादा खर्च या कठिन पूजा की जरूरत नहीं होती। श्रद्धा और सही नियमों के साथ किए गए उपाय शुभ फल देने वाले माने गए हैं।
रविवार को सूर्यदेव को अर्घ्य देना क्यों माना जाता है शुभ?
धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्यदेव सभी ग्रहों के राजा माने जाते हैं। कुंडली में सूर्य मजबूत हो तो व्यक्ति को सम्मान, आत्मविश्वास और सफलता मिलती है। वहीं सूर्य कमजोर होने पर व्यक्ति को पिता से मतभेद, मान-सम्मान में कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
रविवार की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को जल अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि ऐसा करने से सूर्य दोष कम होता है और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।
अगर जल में रोली, लाल फूल, अक्षत और थोड़ा लाल चंदन मिला दिया जाए तो इसका प्रभाव और बढ़ जाता है। अर्घ्य देते समय सूर्य की किरणों को जल के बीच से देखने की परंपरा भी काफी पुरानी मानी जाती है।
पितृदोष से राहत दिला सकते हैं ये रविवार उपाय
धर्म शास्त्रों में पितृदोष को जीवन की बड़ी बाधाओं में से एक माना गया है। मान्यता है कि जब पितर नाराज होते हैं तो व्यक्ति को मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलती। ऐसे में रविवार के दिन कुछ उपाय करने से राहत मिल सकती है।
रविवार की शाम घर के पूर्व या दक्षिण दिशा में तिल के तेल या घी का दीपक जलाना शुभ माना गया है। यह उपाय पितरों की शांति के लिए अच्छा माना जाता है। दीपक जलाते समय मन ही मन पितरों का स्मरण करें और उनसे परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।
इसके साथ ही रविवार के दिन पितरों के नाम से दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्र दान करने से सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं।
सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए करें ये मंत्र जाप
रविवार के दिन मंत्र जाप का भी विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि सूर्य मंत्रों का नियमित जाप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और नकारात्मकता दूर होती है। सूर्यदेव को जल अर्पित करते समय इन मंत्रों का जाप शुभ माना जाता है, “ॐ सूर्याय नमः”, “ॐ आदित्याय नमः” इसके अलावा गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करना भी बेहद फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति के विचार सकारात्मक होते हैं और समाज में सम्मान बढ़ता है।
रविवार को लाल चंदन लगाने का क्या है महत्व?
ज्योतिष शास्त्र में लाल रंग को सूर्य का प्रतीक माना गया है। इसलिए रविवार के दिन माथे पर लाल चंदन या रोली लगाने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलने लगती है।
अगर किसी व्यक्ति का काम बार-बार बिगड़ रहा हो या नौकरी-व्यापार में रुकावट आ रही हो तो रविवार को यह उपाय करना शुभ माना जाता है। कई लोग इंटरव्यू, परीक्षा या महत्वपूर्ण काम से पहले भी सूर्यदेव का स्मरण करते हैं।
आंखों और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है सूर्य पूजा
सूर्यदेव को स्वास्थ्य का देवता भी माना जाता है। सुबह की हल्की धूप शरीर के लिए फायदेमंद मानी जाती है। यही वजह है कि सूर्य नमस्कार और सूर्य पूजा को योग और आयुर्वेद में भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
मान्यता है कि रविवार को नियमित रूप से सूर्य को जल देने से आंखों की रोशनी बेहतर होती है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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