एकादशी के पर्व का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व माना गया है। इस दिन को श्रीहरि विष्णु की पूजा से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन किया गया व्रत और विधि पूर्वक पूजा से जगत के पालनहार प्रसन्न होते हैं और सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। ज्येष्ठ माह में आने वाली अपरा एकादशी को ओर भी ज्यादा खास माना गया है।
भगवान विष्णु के भोग में तुलसी होना अत्यंत आवश्यक माना गया है।धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इसके बिना वो भोग स्वीकार नहीं करते। लेकिन दूसरी तरह एकादशी पर तुलसी को हाथ लगाने की हुई मनाही होती है। ऐसे में ये बड़ा सवाल कि इस दिन तुलसी पूजन किया जाना चाहिए या नहीं।
एकादशी के दिन तुलसी पूजन?
अगर आप भी ये सोच रहे हैं कि एकादशी पर तुलसी पूजन करना चाहिए या नहीं तो आपको बता दें कि शास्त्रों के मुताबिक विधि विधान के साथ की गई पूजा लाभकारी होती है। इससे एकादशी पर आप न केवल श्रीहरि बल्कि माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं, जिनका तुलसी के पौधे में वास माना गया है। चलिए आपको पूजा की सही विधि बताते हैं।
कैसे करें तुलसी पूजा
- एकादशी के दिन आपको सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े धारण करने है। अगर ये कपड़े पीले रंग के होंगे तो और भी शुभ होगा।
- अब आपको जहां पूजा करना है। उस स्थान की साफ सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव भी करें।
- अब विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करें। उनके भीग में तुलसी दल अवश्य रखें।
- अब तुलसी के पास गाय के घी का दीप प्रज्वलित करें।
- दीपक जलाने के बाद आपको 5, 7, 11 या 21 परिक्रमा जरूर करनी चाहिए।
- पूरी श्रद्धा के साथ तुलसी मंत्रों का जाप करते हुए अंत में आरती करें। आप तुलसी स्तुति मंत्र, तुलसी गायत्री मंत्र, तुलसी नामाष्टक मंत्र का जाप कर सकते हैं।
करें ये उपाय
पौराणिक मान्यताओं में इस बात का उल्लेख मिलता है कि भगवान विष्णु तुलसी के बिना भोग स्वीकार नहीं करते। आप उन्हें भोग में जो भी रख रहे हैं उसके साथ तुलसी का पत्ता जरूर रखें। एकादशी पर सूर्यास्त के बाद तुलसी के समीप घी का दीपक जलाकर ओम नमो भगवते वासुदेवाय जाप करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और श्रीहरि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






