ऑफिस में काम करते समय पानी पीना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे सही जगह पर रखना। ज्यादातर लोग अपनी डेस्क पर पानी की बोतल कहीं भी रख देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यह छोटी सी आदत आपके काम, मूड और मानसिक शांति पर असर डाल सकती है।
आजकल ऑफिस का तनाव, काम का दबाव और लगातार स्क्रीन के सामने बैठना लोगों को मानसिक रूप से थका देता है। ऐसे में अगर कार्यस्थल का वातावरण भी नकारात्मक हो जाए, तो व्यक्ति जल्दी चिड़चिड़ा महसूस करने लगता है। वास्तु विशेषज्ञ मानते हैं कि पानी की बोतल से जुड़ी कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर ऑफिस में पॉजिटिव एनर्जी बनाए रखी जा सकती है।
ऑफिस डेस्क पर पानी की बोतल रखने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी नॉर्थ-ईस्ट को जल तत्व के लिए सबसे शुभ माना गया है। कहा जाता है कि अगर ऑफिस डेस्क पर पानी की बोतल इस दिशा में रखी जाए, तो मन शांत रहता है और काम में एकाग्रता बढ़ती है। कई लोग बिना सोचे-समझे बोतल को कभी लैपटॉप के पीछे, कभी पैरों के पास या किसी भी कोने में रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार ऐसा करना सही नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों का मानना है कि सही दिशा में रखा पानी सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। इससे दिमाग शांत रहता है और निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है। ऑफिस में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों के लिए यह छोटी आदत फायदेमंद मानी जाती है। खासकर उन लोगों को इसका ध्यान रखना चाहिए जो तनाव या चिंता से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।
खाली बोतल रखना क्यों माना जाता है अशुभ?
बहुत से लोग आधी खाली या पूरी खाली बोतल घंटों तक डेस्क पर रखे रहते हैं। वास्तु में इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता। माना जाता है कि खाली बोतल नकारात्मकता और कमी का प्रतीक होती है। यही वजह है कि कोशिश करनी चाहिए कि पानी की बोतल हमेशा साफ और भरी हुई रहे।
सिर्फ वास्तु ही नहीं, स्वच्छता के लिहाज से भी यह जरूरी है। लंबे समय तक बिना साफ की गई बोतल में बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसलिए रोजाना बोतल धोना और ताजा पानी भरना अच्छी आदत मानी जाती है। साफ पानी शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक ताजगी भी देता है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान के पास न रखें पानी की बोतल
ऑफिस में जगह कम होने की वजह से लोग अक्सर पानी की बोतल लैपटॉप, कंप्यूटर, फोन या प्रिंटर के बिल्कुल पास रख देते हैं। वास्तु शास्त्र में इसे ऊर्जा का टकराव माना गया है। जल और अग्नि तत्व को एक साथ रखना संतुलन बिगाड़ सकता है।
हालांकि इसका एक व्यावहारिक कारण भी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के पास पानी रखने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार पानी गिरने से महंगे उपकरण खराब हो जाते हैं। इसलिए बेहतर यही माना जाता है कि पानी की बोतल थोड़ी दूरी पर रखी जाए। इससे डेस्क भी व्यवस्थित दिखती है और काम करने में आसानी होती है।
पानी के आसपास न करें नकारात्मक बातें
वास्तु और कई वैज्ञानिक शोधों में यह बात कही गई है कि पानी आसपास के वातावरण से प्रभावित होता है। यही वजह है कि कई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पानी के पास बैठकर ज्यादा गुस्सा, बुराई या नकारात्मक बातें नहीं करनी चाहिए।
ऑफिस में अक्सर लोग तनाव में रहते हैं और बातचीत के दौरान शिकायतें या बहस होने लगती है। माना जाता है कि ऐसी नकारात्मक ऊर्जा का असर आसपास रखे पानी पर भी पड़ता है। जब वही पानी व्यक्ति पीता है, तो उसका प्रभाव मानसिक स्थिति पर महसूस हो सकता है। इसलिए कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
साफ-सुथरी डेस्क से बढ़ती है पॉजिटिव एनर्जी
पानी की बोतल के साथ-साथ ऑफिस डेस्क की सफाई भी बहुत मायने रखती है। अगर डेस्क पर बेवजह का सामान, गंदगी या बिखराव हो, तो मन जल्दी परेशान होता है। कई वास्तु विशेषज्ञ मानते हैं कि साफ और व्यवस्थित डेस्क सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है।
आजकल कई कंपनियां भी कर्मचारियों के वर्कस्पेस को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं। अच्छी लाइटिंग, पौधे और साफ वातावरण कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद करते हैं। ऐसे में पानी की बोतल जैसी छोटी चीज भी पूरे माहौल को प्रभावित कर सकती है।
मानसिक शांति और काम पर पड़ सकता है असर
ऑफिस में लगातार काम करने के दौरान व्यक्ति का मानसिक संतुलन बहुत जरूरी होता है। अगर छोटी-छोटी चीजों से तनाव बढ़ने लगे, तो काम की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि अब लोग वास्तु और माइंडफुलनेस जैसी चीजों की ओर ध्यान देने लगे हैं।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






