साल भर में एक ऐसा समय होता है, जो सबसे ज्यादा गर्म रहता है। वैसे तो गर्मियों का पूरा समय ही कष्टकारी होता है लेकिन कुछ दिन ज्यादा उमस भरे होते हैं। ज्योतिष में ये समय अग्नि नक्षत्र के नाम से पहचाना जाता हैं।
इस समय सूर्य देव पूरी प्रचंडता के साथ रौद्र रूप में होते हैं और पृथ्वी पर अपनी ऊर्जा से गर्मी बरसाते हैं। साल 2026 में अग्नि नक्षत्र की शुरुआत 4 मई 2026 यानी आज से हुई है। ये 28 मई तक रहेगी। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधा धरती पर पड़ती है जिससे तपिश ज्यादा महसूस होती है।
क्या है ज्योतिषीय महत्व
अग्नि नक्षत्र वो समय होता है, जब ग्रहों के राजा सूर्य मेष राशि से वृषभ राशि में प्रस्थान करते हुए कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। ये विशेष कालखंड ही अग्नि नक्षत्र कहलाता है। कृतिका नक्षत्र के अधिपति अग्नि देव हैं और उनका सूर्य से मिलन तपन को बढ़ाता है। इस मिलन की वजह से पृथ्वी पर गर्मी बहुत अधिक बढ़ जाती है।
इस दौरान क्या करें
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस नक्षत्र के समय भगवान शिव के पुत्र मुरुगन यानी कार्तिकेय जी की आराधना करना शुभ होता है। इस दौरान कार्तिकेय जी की आराधना करने से जीवन के सारे कष्ट और संताप दूर हो जाते हैं। जल का दान करना भी बहुत शुभ माना गया है। राहगीरों को जल या शरबत पिलाने से कुंडली का दोष दूर होता है।
रखनी होगी ये सावधानी
ज्योतिष की दृष्टि से इस समय में विवाह, मुंडन, ग्रह प्रवेश, सगाई और जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। अगर किसी नई दुकान या व्यवसाय का उद्घाटन करना है या फिर कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू करना है तो यह समय अनुकूल नहीं होता। इस दौरान गर्मी से जितना बच सकें उतना अच्छा होता है।
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