सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में दर्ज हुई तेजी के बाद 5 मई को हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल रहा।
आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स में करीब 250 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। यह 77,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह, निफ्टी में भी लगभग 100 अंकों की कमी आई, जिससे यह 24,000 के स्तर पर आ गया।
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार
दरअसल वैश्विक बाजारों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ तौर पर देखा गया। एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार दर्ज किया गया। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 338 अंक बढ़कर 6,937 पर पहुंच गया, जो 5.12% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। जापान का निक्केई भी 228 अंक बढ़कर 59,513 पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 0.38% का उछाल आया। हालांकि, इसके विपरीत, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 274 अंक गिरकर 25,822 पर आ गया, जिसमें 1.01% की गिरावट दर्ज हुई। यह मिश्रित वैश्विक संकेत बाजार को एक स्पष्ट दिशा देने में असफल रहे।
अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट
इससे पहले, 4 मई को अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा था, जिसका असर आज भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। डाउ जोन्स इंडेक्स 557 अंक लुढ़ककर 48,942 पर बंद हुआ, जिसमें 1.13% की कमी आई। नैस्डैक में 47 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,068 के स्तर पर रहा, जो 0.19% की गिरावट दिखाता है। इसी तरह, S&P 500 इंडेक्स भी 29 अंक गिरकर 7,201 पर बंद हुआ, जिसमें 0.41% की कमी आई। अमेरिकी बाजार में आई यह गिरावट वैश्विक निवेशकों की धारणा को प्रभावित करती है।
विदेशी निवेशकों पर डालें नजर
भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की गतिविधियों पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण है। बीते सात दिनों में FIIs ने भारतीय बाजार से 7,681 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। बीते 30 दिनों में FIIs की कुल बिकवाली 49,038 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जो उनकी लगातार निकासी को दर्शाता है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। बीते सात दिनों में DIIs ने 10,514 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि बीते 30 दिनों में उनकी खरीदारी 41,448 करोड़ रुपये रही। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, DIIs ने 4,764 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की, वहीं FIIs/FPIs ने 2,836 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की। यह आंकड़े बाजार में चल रही खरीद-फरोख्त की स्थिति को स्पष्ट करते हैं।
बीते दिन थी तेजी
गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले, 4 मई सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 355 अंक बढ़कर 77,269 के स्तर पर बंद हुआ था, जिससे निवेशकों में उत्साह का माहौल था। निफ्टी में भी 121 अंकों का उछाल दर्ज किया गया था, और यह 24,119 के स्तर पर बंद हुआ। उस दिन के कारोबार में रियल्टी, मेटल, फार्मा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली थी, जिससे इन क्षेत्रों में रौनक रही। वहीं, आईटी, सरकारी बैंक और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव था, जिससे इन क्षेत्रों के शेयर लाल निशान पर रहे। आज की गिरावट, सोमवार की तेजी के बाद आई है, जो बाजार की अस्थिरता को दर्शाती है।






