अक्षय तृतीया का पर्व बहुत ही खास माना गया है। इस दिन को सुख, समृद्धि और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति पूजा पाठ और दान धर्म करता है उसे शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है। साढ़ेसाती और ढैया सहित राहु केतु जैसे ग्रहों के प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए भी यह दिन खास माना गया है।
अक्षय तृतीया के दिन किया गया छोटा सा पुण्य बड़े-बड़े कष्टों को कम कर सकता है। सनातन धर्म में अक्षय का अर्थ जिसका कभी क्षय यानी नाश नहीं होता बताया जाता है। इस दिन जो भी दान धर्म किया जाता है उसका फल कई जन्मों तक प्राप्त होता है। साल 2026 में 19 अप्रैल को ये शुभ दिन आ रहा है। चलिए आपको इस दिन से जुड़े कुछ खास उपाय बता देते हैं।
करें इन चीजों का दान
कला तिल और तेल
अक्षय तृतीया के दिन काले तिल और तेल का दान जरूर करें। ऐसा करने से व्यक्ति को शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। शनि देव न्याय और कर्म के देवता हैं और इसके दान से वह शुभ फल देते हैं।
छाता और चप्पल
गर्मी का मौसम है, ऐसे में अगर किसी निर्धन व्यक्ति को चप्पल जूते या छाते का दान करें तो अच्छा रहता है। जिस तरह से इन चीजों से व्यक्ति को गर्मी से राहत मिलती है। उस तरह से दान करने वालों को ग्रहों के दोष से राहत प्राप्त होती है।
कैसे शांत होगा राहु केतु दोष
- राहु एक ऐसा ग्रह है, जो जीवन में भ्रम और अचानक आने वाली मानसिक परेशानी का कारण बनता है। इसे बचने के लिए जौ का दान शुभ माना गया है।
- अगर किसी मंदिर में नारियल अर्पित किया जाता है या फिर गरीब को दान दिया जाता है तो मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
- सात प्रकार के अनाज पक्षियों को खिलाने से भी राहु केतु दोष खत्म होता है।
- जल का दान सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। अक्षय तृतीया पर पानी से भरा मिट्टी का घड़ा दान करना उत्तम होता है। केवल व्यक्ति की प्यास बुझती है बल्कि पितृ दोष भी खत्म होता है।
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