दिवाली की रात तिजोरी में रख दें ये 5 चीजें, कभी नहीं होगी धन-अन्न की कमी, घर में होगा माँ लक्ष्मी का वास

Diwali 2023

Diwali Upay: दिवाली को लेकर पूरे देश में उल्लास है। कहते हैं दिवाली की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इस दिन लोग अलग-अलग उपायों से माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। दिवाली के दिन तिजोरी से जुड़े कुछ उपायों को करना लाभकारी माना जाता है। रात के समय और पूजा के बाद घर के लॉकर में कुछ चीजों को रख देने से धन और अन्न का भंडार हमेशा भरा रहता है।

गोमती चक्र

दिवाली के दिन गोमती चक्र की पूजा करने के बाद इसे हल्दी और चंदन के साथ एक पीले रंग के कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रख दें। ऐसे करने से धन और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है।

10 रुपये के नोटों की गड्डी

दिवाली की रात तिजोरी में 10 रुपये की गड्डी रखें। चांदी, तांबा और पीतल के सिक्के रखना भी सुख मन जाता है। ऐसा करने से कभी धन की कमी नहीं होती।

सुपारी

पूजा-पाठ में सुपारी का खास महत्व होता है। इसमें कलावा बांधकर फूल, कुमकुम और अक्षत से इसकी पूजा करें। फिर इसे तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी की कृपा बरसती है। धनलाभ के योग बनते हैं।

पीले रंग की कौड़ी

दिवाली के दिन पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को पीले रंग की कौड़ी अर्पित करें। पूजा समाप्त होने के बाद इस कौड़ी को तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

पीपल का पत्ता

दिवाली की रात पीपल के पत्ते पर कुमकुम से “ॐ” लिखकर इसे तिजोरी में रखें। ऐसा करने से दरिद्रता से छुटकारा मिलता है। आय के नए स्त्रोत्र बनते हैं।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो मान्यताओं और अन्य माध्यम पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews