मकर संक्रांति का पर्व केवल सूर्य के उत्तरायण होने का नहीं बल्कि उत्साह और उल्लास का भी पर्व है। ज्योतिषीय रूप से देखें तो ये शनि देव को प्रसन्न करने और दोषों को शांत करने का सबसे उत्तम समय है।
संक्रांति एक ऐसा दिन है जब सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं। ऐसे में कुछ चीजों का दान बहुत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दान से शनि दोष की शांति में सहायता मिल सकती है।अगर आप साढ़ेसाती, ढैया या फिर किसी अन्य दोष का सामना कर रहे हैं, तो चलिए इनसे राहत पाने के कुछ उपाय जान लेते हैं।
इन चीजों का करें दान
काले तिल
मकर संक्रांति पर काले तिल के दान का विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के मुताबिक शनि देव ने अपने पिता सूर्य की काले तिल से पूजन की थी। इससे प्रसन्न होकर सूर्य देव ने उन्हें मकर राशि का स्वामी बना दिया था। यही कारण है कि इस दिन काले तिल का दान शनि की दशा से मिलने वाले कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
उड़द की दाल
संक्रांति पर उड़द की दाल का विशेष महत्व माना गया है। इसका संबंध सीधे-सीधे शनि ग्रह से है। इस दिन उड़द की दाल और चावल की खिचड़ी के दान से शनि दोष शांत होता है। अगर व्यापार या करियर में कोई परेशानी हो रही है, वो भी इस उपाय से ठीक हो सकती है।
सरसों का तेल
धार्मिक रूप से शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करने का विशेष महत्व माना गया है। एक कटोरी में तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और दान कर दें। इससे सभी प्रकार के रोगों और शारीरिक कष्ट से मुक्ति मिलती है।
रेवड़ी, तिल और गुड़
संक्रांति पर शनि दोष दूर करने के लिए मीठे का दान करना शुभ माना गया है। गुड़ सूर्य देव से संबंधित है और तिल का संबंध शनि से है। इन चीजों का दान करने से शनि और सूर्य दोनों की कृपा मिलती है। “ये उपाय समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ाते हैं और पारिवारिक कलह दूर होगी।
काला कंबल
शनिदेव काला रंग काफी पसंद करते हैं। संक्रांति पर किसी भी गरीब व्यक्ति को कंबल या गर्म कपड़े दान करें। इससे मानसिक तनाव दूर हो जाता है और दुर्घटनाओं से बचाव भी होता है।
Disclaimer: यहां दी गई सूचना केवल एक सामान्य जानकारी है। उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। MP Breaking News इसकी पुष्टि नहीं करता।





