कब से शुरू हो रहा है भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मार्गशीर्ष महीना? इन शुभ कार्यों से होगी पुण्य की प्राप्ति

मार्गशीर्ष सबसे पवित्र हिंदू महीनों में से एक है। चलिए हम आपको बताते हैं कि इस महीने में कौन से शुभ कार्य करने चाहिए। ये कब शुरू हो रहा है और इसका समापन कब होगा।
Margshirsha Month 2025

हिंदू धर्म में अलग-अलग महीने आते हैं जिनका अपना महत्व होता है। मार्गशीर्ष मास (Margshirsha Month 2025) जिसे हम अगहन मास के नाम से पहचानते हैं यह भी एक पवित्र मास माना जाता है। जानकारी के मुताबिक भगवद गीता में खुद भगवान श्री कृष्ण ने इस महीने को मार्गशीर्ष यानी कि उनका सबसे प्रिय महीना बताया है। इससे साफ जाहिर है कि अगर आप श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो यह महीना सही रहने वाला है।

इस महीने में स्नान, दान और दीपदान करने का बहुत महत्व है। जो व्यक्ति श्री कृष्ण की पूजा करता है उसके सारे पापों का नाश होता है और मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं। अगर अच्छे कर्मों का फल प्राप्त करना चाहते हैं तो इस महीने में पूजा पाठ, दान, पुण्य और सेवा जरूर करें। चलिए जान लेते हैं कि यह महीना कब से शुरू हो रहा है।

कब से शुरू होगा मार्गशीर्ष महीना

हिंदू पंचांग के मुताबिक कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन से मार्ग विशेष महीने की शुरुआत हो जाती है। इस साल 5 नवंबर को पूर्णिमा थी ऐसे में 6 नवंबर यानि आज से मार्ग विशेष महीने की शुरुआत हो गई है। 4 दिसंबर को आने वाली पूर्णिमा के साथ इसका समापन होगा।

मार्गशीर्ष का क्या है महत्व (Margshirsha Month 2025)

मार्गशीर्ष महीने के धार्मिक महत्व की बात करें तो यह ध्यान और जब तप का महीना माना गया है। यह धार्मिक दृष्टि से नहीं बल्कि आत्मा की शुद्धि और मानसिक शांति के लिए भी शुभ माना जाता है। इस महीने में जो व्यक्ति अपने मन, कर्म और वचन को पवित्र बनाकर ईश्वर की भक्ति में लीन रहता है उसे बहुत पुण्य की प्राप्ति होती है। इस महीने में किए गए जप तप और दान पुण्य का अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। अगर आप नियमित रूप से भगवान विष्णु और श्री कृष्ण के मित्रों का जाप करते हैं, तो ना केवल पापों का नाश होता है बल्कि मन में स्थिरता बनी रहती है।

जरूर करें ये शुभ काम

  • इस महीने में गंगा, यमुना, नर्मदा किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना बहुत शुभ माना गया है। अगर नदी में जाकर स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो आप अपने नहाने के पानी में गंगाजल या तुलसी के पत्ते डालकर स्नान कर सकते हैं। याद रहे कि यह आपको सूर्योदय से पहले करना होगा। इस समय ओम नमो भगवते नारायण का जब जरुर करें।
  • इस महीने में दान का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और वह पुण्य की प्राप्ति करता है। अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र, गुड़, तेल, घी या बर्तन का दान कर सकते हैं।
  • दीपदान इस महीने में किया गया सबसे शुभ काम माना गया है। किसी भी पवित्र नदी के घाट, मंदिर या तालाब पर दीप जरूर जलान चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सौभाग्य आता है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews