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26 दिसंबर को रखा जाएगा सफला एकादशी का व्रत, इस रंग का वस्त्र पहनकर करें पूजा, शुभ फलों की होगी प्राप्ती

Written by:Sanjucta Pandit
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इस साल की आखिरी एकादशी, जिसे सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है, 26 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दौरान कुछ चीजों का करना वर्जित माना जाता है। पढ़ें पूरी खबर...
26 दिसंबर को रखा जाएगा सफला एकादशी का व्रत, इस रंग का वस्त्र पहनकर करें पूजा, शुभ फलों की होगी प्राप्ती

Saphala Ekadashi 2024 : हिंदू धर्म में एकादशी का काफी अधिक महत्व है, जो हर महीने शुक्ला और कृष्ण पक्ष की तिथि को मनाई जाती है और यह भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, ध्यान और व्रत करने पर जीवन में खुशियों का आगमन होता है। वहीं, इस साल की आखिरी एकादशी 26 दिसंबर को मनाई जाएगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत करने पर सभी तरह के पाप धुल जाते हैं। पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहते हैं। जिसका अर्थ सफलता है।

शुभ मुहूर्त

दिक पंचांग के अनुसार, इस साल सफला एकादशी 25 दिसंबर को रात 10:29 बजे शुरू होगी, जिसका समापन 27 दिसंबर को रात 12:43 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 26 दिसंबर को सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

इन चीजों का करें सेवन

सफला एकादशी का व्रत रखने वाले भक्तों को दूध, दही, फल, शरबत, साबूदाना, बादाम, नारियल, शकरकंद, आलू, सेंधा नमक आदि का सेवन करना चाहिए। यह सभी ताजा होने का विशेष ध्यान रखें। पूजा समाप्त करने के बाद आप इन चीजों का सेवन कर सकते हैं। वही, एकादशी का व्रत करने वाले जातकों को एक दिन पहले से ही तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन आदि नहीं खाना चाहिए। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी इन चीजों से बचना चाहिए।

इस रंग का वस्त्र पहनें

धार्मिक मान्यताओं में काले रंग को बेहद अशुभ माना जाता है, इसलिए एकादशी के दिन काले रंग का कपड़ा भूल से भी न पहनें। इस दिन, आप पीले रंग का वस्त्र धारण कर सकते हैं, जो भगवान विष्णु का प्रिय रंग भी माना जाता है।

महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से पिछले जन्मों के बुरे कर्मों का प्रायश्चित होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए, एकादशी का व्रत रखना शुभ माना जाता है। इससे खुशियों का आगमन होता है और जीवन में सफलता के योग बनते हैं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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