कांग्रेस नेता शशि थरूर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राम की मुलाकात को लेकर बयान दिया था। जिसके बाद पवन खेड़ा ने उन पर निशाना साधा था। वहीं अब वह बदलते कश्मीर के बारे में बात करते दिखाई दिए जिस पर कांग्रेस भड़क गई है।
शशि ठाकुर ने कश्मीर और हालात सामान्य होने की दिशा में हो रहे प्रगति के बारे में टिप्पणी की। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। चलिए जान लेते हैं कि आखिरकार उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर क्या कहा है और कांग्रेस इस पर क्यों भड़क गई है।
शशि थरूर की कश्मीर पर पोस्ट
शशि थरूर ने सोशल मीडिया हैंडल X पर क्रिकेट पोस्ट में लिखा श्रीनगर में आज लोग भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक शानदार बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और हालात सामान्य होने की दिशा में हो रही अच्छी प्रगति के बारे में चर्चा की। मैं वहां पहुंचा तो वे कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन के अध्यक्षों से बातचीत कर रहे थे। यह एक सकारात्मक पहल थी जिसका मैंने स्वागत किया।
In Srinagar! Had the honour of an excellent meeting with Lieutenant-Governor Shri @manojsinha_ at Lok Bhavan today. We discussed the situation in the state and the encouraging progress towards normalcy. When I arrived he was chatting to the President of the Kashmiri Writers’… pic.twitter.com/hm1lz3qDGF
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 21, 2026
बयान पर भड़की कांग्रेस
शशि थरूर का बयान सामने आने के बाद राज्य के मुख्य प्रवक्ता ने उनकी आलोचना की है। उन्होंने कहा कश्मीर के लोग उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलेंगे ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सके। अपनी पार्टी के उन कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए थोड़ा समय तो निकाल सकते थे जो छीने गए राज्य के दर्जे को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
People of Kashmir too were expecting you to meet them to have a better understanding of the ground realities. Atleast could’ve spared sometime to meet own partymen fighting for statehood snatched from us 7 years ago.
— Ravinder Sharma (@RavinderJKPCC) June 21, 2026
पीएम मोदी की तारीफ पर भी घिरे
बता दें कि इसके पहले थरूर कांग्रेस के भीतर कड़ी आलोचनाओं से घिर गए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई बातचीत के दौरान भारतीय नाविकों पर हुए हमले से जुड़ी चिंता को पेश करने के तरीके की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम ने सार्वजनिक और निजी दोनों तरह की बैठक में अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी। इस संदेश देना जरूरी है कि युद्ध के समय कॉमर्शियल जहां रूम पर मौजूद नागरिकों और नाविकों को निशान नहीं बनना चाहिए। वो सैनिक नहीं हैं, यही संदेश पीएम मोदी ने दिया।






