
Sita Navami 2024: सनातन धर्म में सीता नवमी का खास महत्व होता है। हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। मान्यताएं हैं इस दिन माता जानकी प्रकट हुई थी। 16 मई गुरुवार सीता नवमी मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धा भाव के साथ पूजा-उपासना की जाती है। माता सीता को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। सीता नवमी के दिन कुछ उपायों को करने माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है। घर में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। दरिद्रता और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। एक नजर इन उपायों पर डालें-
सुख-समृद्धि के लिए करें ये काम
सीता नवमी के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें। माता सीता और श्रीराम को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें। पीले रंग का भोग और फल अर्पित करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
घर में होगा माँ लक्ष्मी का वास
सीता नवमी की रात अक्षत को हल्दी के साथ मिलाकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन के स्थान पर रख दें। इस दौरान तिजोरी को रात पर खुला छोड़ दें। ऐसा करने से घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है। धन और अन्न की कभी कमी नहीं होती।
लगाएं खीर का भोग
सीता नवमी के दिन माता सीता को खीर का भोग लगाएं। इस खीर को कन्याओं को बाँट दें। ऐसा करने से माँ लक्ष्मी की कृपा बरसती है। धनलाभ होता है।
दान-पुण्य से होगा लाभ
सीता नवमी के दिन दान का विशेष महत्व होता है। गरीबों और जरूरतमंदों के बीच फल, अन्न और वस्त्र इत्यादि का दान करें। ऐसा करने से जीवन में सफलता मिलती है। कष्ट दूर होते हैं।
सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए उपाय
इस दिन शुभ मुहूर्त पर माता सीता को 16 शृंगार अर्पित करें। साथ ही सुहागिनों के बीच सुहाग की समाग्री का दान करें। ऐसा करने से सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है।
श्री जानकी स्तुति और सीता चालीसा का पाठ करें
सीता नवमी के दिन श्री जानकी स्तुति और सीता चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्ते मजबूत होते हैं। प्रेम बढ़ता है। कुंडली से ग्रह दोष दूर होते हैं। विवाह के योग बनते हैं।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, ग्रंथों, मान्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

