तुलसी विवाह पर ये ‘1 गलती’ छीन सकती है आपका सौभाग्य! जानें ये नियम

देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह 2025 पर करोड़ों लोग यह गलती करते हैं, क्या इस महा-पर्व पर तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ है या अशुभ? जानें वे सख्त नियम।
Tulsi Vivah

सनातन धर्म में कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला तुलसी विवाह एक ऐसा पर्व है जो सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति और भगवान के मिलन का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिसे देवउठनी एकादशी भी कहते हैं। जैसे ही देवता जागते हैं, शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है, और इसी दिन माता तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम से कराया जाता है।

तुलसी विवाह 2025 (Tulsi Vivah 2025) की तैयारी में हर श्रद्धालु लगा हुआ है, लेकिन इस पवित्र दिन एक छोटी सी गलती आपकी पूजा के फल को छीन सकती है। अक्सर लोग पूजा की तैयारी के दौरान इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं कि तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ होगा या अशुभ? क्या तुलसी विवाह के दिन तुलसी जी के पत्ते तोड़ना, उनके विवाह में बाधा डालना माना जाता है? धार्मिक ग्रंथों में इस संबंध में क्या सख्त नियम बताए गए हैं? आइए, आज हम सामुद्रिक शास्त्र और स्कंद पुराण के उन गूढ़ रहस्यों को उजागर करेंगे, जो आपको इस महा-पर्व के दौरान गलती करने से बचाएंगे और आपको तुलसी देवी के मंत्रों का सही उपयोग सिखाएंगे।

Tulsi Vivah 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

तुलसी विवाह की सटीक तिथि और एकादशी का महत्व

तुलसी विवाह 2025 का पर्व इस साल इस पर्व को 2 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन तुलसी विवाह करने से कन्यादान का पुण्य मिलता है और वैवाहिक जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं। इसीलिए, इस दिन के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

क्या है तुलसी-शालिग्राम विवाह का महत्व?

मान्यता है कि वृंदा यानी तुलसी ने भगवान विष्णु को पत्थर बनने का श्राप दिया था, जिसके बाद भगवान विष्णु ने शालिग्राम का रूप लिया। वृंदा की तपस्या और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। कार्तिक एकादशी के दिन ही यह विवाह संपन्न हुआ था। इसीलिए, इस दिन सच्चे मन से पूजा करने वालों को वैवाहिक सुख, संतान सुख और अपार धन-समृद्धि प्राप्त होती है।

तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ या अशुभ क्या कहते हैं नियम?

यह तुलसी विवाह पर्व का सबसे अहम और भ्रमित करने वाला सवाल है: क्या तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ है या अशुभ? धार्मिक ग्रंथों में इस संबंध में अत्यंत स्पष्ट नियम दिए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर आपकी पूजा अधूरी मानी जा सकती है।

1. तुलसी विवाह के दिन पत्ता तोड़ने का नियम

तुलसी विवाह के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है। एकादशी तिथि माता तुलसी को भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन तुलसी माता स्वयं व्रत रखती हैं और भगवान की पूजा में लीन रहती हैं। ऐसे में, पत्ते तोड़ना उन्हें कष्ट पहुँचाने के समान माना जाता है।

2. पत्ता तोड़ने का सही समय और तरीका

अगर आपको पूजा या भोग के लिए तुलसी के पत्ते चाहिए, तो उन्हें तुलसी विवाह से एक दिन पहले, यानी दशमी तिथि के दिन ही तोड़कर रख लेना चाहिए। तुलसी के पत्ते हमेशा सूर्यास्त के बाद कभी नहीं तोड़ने चाहिए। तुलसी के पत्तों को कभी भी नाखून से नहीं खींचना चाहिए।

उन्हें हमेशा हल्के हाथों से तोड़ना चाहिए और तोड़ने से पहले माता तुलसी से अनुमति लेकर उन्हें प्रणाम करना चाहिए। तुलसी के पत्ते बासी नहीं होते। यदि आपने दशमी को पत्ते तोड़े हैं, तो आप उन्हें एकादशी, द्वादशी और अन्य दिनों में भी भोग या जल में इस्तेमाल कर सकते हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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