रसोई किसी भी घर में केवल खाना बनाने का स्थान नहीं होती बल्कि इसे घर में ऊर्जा और समृद्धि का केंद्र भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में रखने वाली प्रत्येक वस्तु का सही दिशा और स्थान परिवार के जीवन पर गहरा असर डाल सकता है। खासकर गैस चूल्हा जो आग का प्रतीक है, घर में धन, स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को प्रभावित करता है।
गलत दिशा में गैस चूल्हा रखने से घर में पैसों की तंगी, रिश्तों में विवाद और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं, सही दिशा में रखने से न केवल भोजन बनाते समय सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, बल्कि घर में खुशहाली और स्वास्थ्य भी बरकरार रहता है।
कौन सी दिशा है हानिकारक
वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम दिशा में गैस चूल्हा रखना अत्यंत हानिकारक माना जाता है। इस दिशा को राहु की दिशा भी कहा जाता है। यदि चूल्हा यहां रखा जाए तो परिवार के लोग अनावश्यक खर्चों और आर्थिक तंगी का सामना कर सकते हैं। इसके अलावा, रिश्तों में तनाव और गृहिणी की सोच नकारात्मक होने की संभावना बढ़ जाती है।
पश्चिम दिशा में गैस चूल्हा रखना भी शुभ नहीं है। इस दिशा में चूल्हा रखने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और परिवार की जमा पूंजी कम होने लगती है। व्यक्ति की आय और लाभ प्रभावित होने की संभावना भी अधिक रहती है। ऐसे में दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा में चूल्हा रखना वास्तु के अनुसार पूरी तरह से टालना चाहिए।
सबसे शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र में अग्नि तत्व से जुड़ी वस्तुओं, जैसे गैस चूल्हा, को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने की सलाह दी जाती है। इसे आग्नेय कोण भी कहा जाता है। इस दिशा में चूल्हा रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और भोजन बनाने के दौरान मन और शरीर दोनों में संतुलन रहता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि दक्षिण-पूर्व दिशा में चूल्हा रखने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है रिश्तों में सामंजस्य बना रहता है और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए हर घर की रसोई में चूल्हे को इस दिशा में रखना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।





