कब्ज़ा की गई जमीन को मुक्त कराने का आदेश निकालने के लिए तहसीलदार ने ली रिश्वत लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

लोकायुक्त पुलिस सागर ने ट्रैप प्लान की और आज 09 जून को आरोपी तहसीलदार चन्द्रमणि सोनी को उसके शासकीय आवास में 3000/-रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
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रिश्वतखोरों पर लगातार हो रहे एक्शन के बावजूद भ्रष्ट शासकीय सेवक अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे उन्हें ना अपनी इज्जत की फ़िक्र है ना नौकरी पर आने वाले खतरे से डर, वे बे हिचक घूस लेते हैं, ऐसे ही एक शासकीय सेवक को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, आरोपी तहसीलदार है।

लोकायुक्त एसपी सागर योगेश्वर शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक  दमोह जिले की तहसील पटेरा के  ग्राम गाता कुम्हारी निवासी किसान कल्याण सिंह लोधी ने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में दिया था जिसमें पन्ना  जिले की तहसील रैपुरा में पदस्थ तहसीलदार चन्द्रमणि सोनी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

तहसीलदार की लोकायुक्त में शिकायत 

शिकायत में कल्याण सिंह लोधी ने बताया कि उसकी पत्नी द्रौपदी बाई को पैतृक रूप से प्राप्त जमीन ग्राम पिपरिया कला तहसील रैपुरा,जिला पन्ना में है , उस जमीन पर उसके रिश्तेदारों ने कब्ज़ा कर रखा है, जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के लिए तहसीलदार चन्द्रमणि सोनी, तहसील रैपुरा, जिला पन्ना के न्यायालय में धारा 250 भू राजस्व संहिता 1959 के अंतर्गत दिनांक 26 दिसंबर 24 को द्रौपदी बाई की ओर से वाद दायर किया गया था।

आदेश निकालने तहसीलदार ने मांगी रिश्वत 

तहसीलदार चन्द्रमणि सोनी ने प्रकरण में आदेश करने के लिए कल्याण सिंह लोधी से 9000/- रुपये रिश्वत की मांग की एवं 4000/-रुपये अपने प्राइवेट चालक इंद्र पाल सिंह लोधी के माध्यम से ले भी लिए गए , इसके बाद भी आदेश न देने पर कल्याण सिंह लोधी द्वारा लोकायुक्त पुलिस सागर से संपर्क किया गया।

सरकारी आवास पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार 

शिकायती आवेदन मिलने के बाद आवेदन की जांच  एसपी के निर्देश पर निरीक्षक श्रीमती रोशनी जैन ने की तो शिकायत सत्य पायी गई , सत्यापन के दौरान आरोपी आवेदक से 3000/- रुपये लेने को सहमत हो गया। जिसके बाद  लोकायुक्त पुलिस सागर ने ट्रैप प्लान की और आज 09 जून को आरोपी तहसीलदार चन्द्रमणि सोनी को उसके शासकीय आवास में 3000/-रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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