2 घंटे इंतजार के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस, ऑक्सीजन लगाकर लोडिंग वाहन से मरीज को किया रेफर

सागर के शाहपुर में एंबुलेंस नहीं मिलने पर 85 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को परिजन लोडिंग वाहन में ऑक्सीजन लगाकर जिला अस्पताल ले जाने को मजबूर हुए। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
2 घंटे इंतजार के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस, ऑक्सीजन लगाकर लोडिंग वाहन से मरीज को किया रेफर

मध्य प्रदेश के सागर जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां के शाहपुर इलाके में एक 85 साल के बुजुर्ग मरीज की जान पर बन आई लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। परिजनों ने कई बार 108 पर फोन लगाया और मदद की गुहार लगाई लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची।

दरअसल जब एंबुलेंस नहीं आई तो परिजनों का सब्र टूट गया और वे मरीज की जान बचाने के लिए मजबूरन एक लोडिंग वाहन का सहारा लेने लगे। अस्पताल के स्टाफ ने भी मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए लोडिंग वाहन में ही ऑक्सीजन सिलेंडर रखवा दिया। इसके बाद बुजुर्ग को ऑक्सीजन लगाते हुए जिला अस्पताल ले जाया गया, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

85 साल के बुजुर्ग को हुई थी सांस लेने में तकलीफ

पूरी घटना को लेकर बताया जा रहा है कि 85 वर्षीय दुली अहिरवार को 23 अक्टूबर की रात अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ और सीने में तेज दर्द शुरू हुआ था। हालत बिगड़ते देख परिजन उन्हें तुरंत पास के शाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने मरीज का प्राथमिक इलाज किया, लेकिन हालत ज्यादा गंभीर होने की वजह से उन्हें तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

मरीज को जिला अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों ने तुरंत सरकारी 108 एंबुलेंस को फोन मिलाया। कॉल करने के बाद परिजन करीब 2 घंटे तक एंबुलेंस के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन जब 2 घंटे बीत जाने के बाद भी गाड़ी नहीं पहुंची तो परिजनों ने डॉक्टर से कहा कि वे किसी निजी या दूसरे साधन से मरीज को जिला अस्पताल ले जाना चाहते हैं।

लोडिंग वाहन में ऑक्सीजन लगाकर ले गए परिजन

मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए अस्पताल के स्टाफ ने तुरंत एक लोडिंग वाहन की व्यवस्था करवाई और उसमें ऑक्सीजन सिलेंडर फिट कर दिया। बुजुर्ग मरीज को लोडिंग वाहन में ऑक्सीजन की नली लगाकर ले जाने का यह वीडियो सोमवार को सामने आया जिसके बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक अफसरों ने मामले का संज्ञान लिया।

मामला गरमाने के बाद सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया ने बताया कि इस लापरवाही को लेकर 108 एंबुलेंस के जिला प्रभारी से पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर एंबुलेंस पहुंचने में सच में देरी हुई है तो मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Bhawna Choubey
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