सागर। सागर में शराब पीने के बाद हुई मौतों के बीच उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़ा एक पुराना मामला अब महत्वपूर्ण हो गया है। ललितपुर की कोतवाली पुलिस ने 4 मई 2026 को नकली शराब बनाने और मध्य प्रदेश में सप्लाई करने वाले एक कथित रैकेट को पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने सागर जिले सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में शराब पहुंचाने की बात बताई थी।
अब सागर के बंडा क्षेत्र में शराब पीने के बाद हुई मौतों के मामले में भी ललितपुर कनेक्शन की जानकारी सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों मामलों के तार आपस में जुड़े हैं। हालांकि मौजूदा मौतों से उस पुराने रैकेट का सीधा संबंध जांच से ही स्पष्ट होगा।
पुराने मामले में सागर के कई इलाकों तक सप्लाई की बात
4 मई के मामले से जुड़े दस्तावेज में पूछताछ के दौरान नकली शराब तैयार करने और उसे मध्य प्रदेश में सप्लाई करने के तरीके का भी जिक्र है। इसमें नकली रैपर, ढक्कन और QR कोड लगाकर शराब को तैयार करने की बात कही गई है।
दस्तावेज के मुताबिक कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों ने बांदरी-सागर, बड़ोदिया-सागर और पलेथनी-सागर सहित मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर सरकारी ठेके की दुकानों तक कम कीमत में शराब सप्लाई करने की बात बताई थी। ललितपुर के नदनवारा क्षेत्र का भी उल्लेख दस्तावेज में है।
पूछताछ में यह भी कहा गया था कि उनकी दुकानें मध्य प्रदेश में होने के कारण उत्तर प्रदेश में शराब नहीं बेची जाती थी, बल्कि कथित नकली शराब को मध्य प्रदेश में सप्लाई कर अधिक मुनाफा कमाया जाता था।
अब बरेठा की लाइसेंसी दुकान के कर्मचारी का नाम आया सामने
मौजूदा सागर मामले में ललितपुर निवासी आकाश राय का नाम सामने आने की जानकारी है। आकाश को बरेठा की लाइसेंसी शराब दुकान का कर्मचारी बताया जा रहा है। दावा है कि सागर में मिली संदिग्ध शराब उत्तर प्रदेश से बेचने के लिए लाई गई थी।
ऐसे में जांच का बड़ा सवाल यह है कि बंडा क्षेत्र में लोगों तक पहुंची शराब का स्रोत क्या था और क्या इसका ललितपुर से पहले सामने आए नेटवर्क से कोई संबंध है। आकाश राय की भूमिका और पुराने रैकेट से किसी तरह का संबंध भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।






