दुर्ग से गोरखपुर की तरफ जा रही नौतनवा एक्सप्रेस में शुक्रवार की सुबह एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। सफर के दौरान महिला की तबीयत बिगड़ती देख ट्रेन में सवार यात्रियों और परिजनों के बीच हड़कंप मच गया।

ट्रेन जैसे ही सतना रेलवे स्टेशन पर पहुंची, वहां पहले से मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिना देर किए महिला को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रवाना किया। अस्पताल पहुंचते वक्त रास्ते में ही महिला ने एक सुंदर बच्ची को जन्म दे दिया।

बलरामपुर की रहने वाली हैं संगीता

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के खजुरिया गांव की रहने वाली 22 साल की संगीता चौधरी अपने पति दिनेश के साथ यात्रा कर रही थीं। दोनों ट्रेन के एसी थर्ड कोच में बैठकर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहे थे।

शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे जब ट्रेन सतना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर आकर रुकी, तभी संगीता को अचानक बहुत तेज दर्द होना शुरू हो गया। उनकी हालत बिगड़ती देख पति दिनेश काफी परेशान हो गए।

पति ने ट्रेन स्टाफ को दी जानकारी

संगीता की बिगड़ती हालत को देखते हुए उनके पति दिनेश ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत ट्रेन के स्टाफ को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद स्टेशन मास्टर और रेल प्रशासन को अलर्ट किया गया, जिन्होंने फौरन रेलवे डॉक्टर और एंबुलेंस को सूचना दी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही मेडिकल टीम प्लेटफॉर्म पर तैयार खड़ी थी। टीम ने तुरंत महिला को संभाला और एंबुलेंस में शिफ्ट करके जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू कर दी, ताकि सही समय पर इलाज मिल सके।

रास्ते में एंबुलेंस के अंदर हुआ जन्म

अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही संगीता ने एंबुलेंस के अंदर ही एक प्यारी सी बच्ची को जन्म दे दिया। डिलीवरी के तुरंत बाद एंबुलेंस स्टाफ की मदद से दोनों को सुरक्षित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अब मां और नवजात बच्ची दोनों पूरी तरह से ठीक और स्वस्थ हैं। समय पर मिली मदद के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई, जिसके लिए परिजनों ने रेलवे और स्वास्थ्य विभाग की टीम का धन्यवाद किया।