MP के इस Waterfall में नहाने वालों की खैर नहीं, दर्ज हो सकता है मुकदमा, पढ़ें पूरी खबर

MP के इस Waterfall में नहाने वालों की खैर नहीं, दर्ज हो सकता है मुकदमा, पढ़ें पूरी खबर

Amargarh Waterfall Accident : मप्र के सीहोर जिले के बुधनी के जंगल में बहने वाले अमरगढ़ वॉटरफॉल में नहाते समय रविवार को बहे युवक का अभी तक कुछ पता नहीं चला है, प्रशासन की टीमें, SDRF की टीमें लगातार युवक की तलाश कर रही हैं, उधर बार बार हो रहे हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए वन, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर निर्णय लिया है कि ऐसे सभी वॉटरफॉल जहां पूर्व में हादसे हो चुके हैं, उन जगहों पर तार फेसिंग कर वहां जाना प्रतिबंधित किया जाएगा। वहीं प्रशासन की रोक के बावजूद अगर कोई व्यक्ति ऐसी जगह पाया जाता है तो उसके विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

रविवार को दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया युवक झरने के तेज बहाव में बहा  

दरअसल, बुधनी के शाहगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत अमरगढ़ जलप्रपात में रविवार को नर्मदापुरम का रहने वाला 29 साल का शिवकांत यादव डूब गया था। वो अपने दोस्तों के साथ रविवार की सुबह अमरगढ़ वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाने गया था, जहां वह झरने के तेज बहाव में नहाते समय उसकी चपेट में आ गया और गहरे पानी में चला गया। जब वह नहीं मिला तो दोस्तों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद शाहगंज पुलिस, वन अमले के साथ ही नर्मदापुरम से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।

युवक की तलाश जारी, अब तक नहीं मिला शव 

स्थानीय गोताखोरों ने भी शिवकांत की तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। अंधेरा होने से रेस्क्यू खत्म कर सोमवार सुबह फिर रेस्क्यू शुरू हुआ, लेकिन वह नहीं मिला। फिलहाल उसकी तलाश जारी है। आपको बता दें कि अमरगढ़ वाटरफॉल घने जंगल में स्थित है। यहाँ पर पिकनिक मनाने लोग आते हैं, बारिश में झरने की गति बढ़ जाती है बहाव तेज हो जाता है और लापरवाही से नहाने के दौरान घटनाएं होती रहती है।

वन विभाग ने लगा रखा है प्रतिबन्ध का बोर्ड, लोग करते हैं नजर-अंदाज   

हालाँकि वन विभाग की तरफ से खटपुरा के पास ही अमरगढ़ झरने की तरफ जाने के लिए प्रतिबंध का बोर्ड लगाया गया है। लेकिन लोग इस बोर्ड को अनदेखा कर झरना देखने और एकड़ों फीट ऊपर से गिरते पानी से आकर्षित होकर पानी नहाने पहुंचते हैं। रविवार को भी सैकड़ों लोग अमरगढ़ वॉटरफॉल पर पहुंचे थे और इसी दौरान ये हादसा हो गया।

14 जुलाई को भोपाल निवासी युवक की भी इसी झरने में हो चुकी है मौत 

प्रशासन के बार-बार समझाइश देने और प्रतिबंध के बाद भी लोग झरने पर पहुंच रहे हैं और इस दौरान हादसे का शिकार हो रहे हैं। शिवकांत की तरह ही बीती 14 जुलाई को अपने दोस्तों के साथ अमरगढ़ झरने पर पिकनिक मनाने आया 28 वर्षीय भोपाल निवासी आकाश जायसवाल झरने के तेज बहाव में आ गया और डूब गया था। छह घंटे की मशक्कत के बाद पानी के अंदर पत्थरों में फंसा उसका शव निकाला जा सका था।

प्रशासन हुआ सख्त , नियम तोड़ा तो होगी FIR 

अब सीहोर जिला प्रशासन ने इसपर सख्ती का फैसला किया है, जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए वन, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर निर्णय लिया है कि ऐसे सभी वॉटरफॉल जहां पूर्व में हादसे हो चुके हैं, उन जगहों पर तार फेसिंग कर वहां जाना प्रतिबंधित किया जाएगा। वहीं प्रशासन की रोक के बावजूद अगर कोई व्यक्ति ऐसी जगह पाया जाता है तो उसके विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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