सीहोर के पचामा स्थित एक डेयरी उद्योग पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम को वहां गंदे और अस्वच्छ माहौल में तैयार किया जा रहा एनालॉग पनीर मिला। दूध और दूध से बने उत्पादों की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 204 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया। जब्त किए गए पनीर की बाजार कीमत करीब 40,800 रुपये बताई गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी एडलीन पन्ना और खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपाली कांगे के नेतृत्व में टीम ने सीहोर के औद्योगिक क्षेत्र पचामा में स्थित रूद्रांश डेयरी इंडस्ट्री पर अचानक छापा मारा। जब अधिकारी फैक्ट्री के अंदर पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर हैरान रह गए। जांच के दौरान फैक्ट्री में काफी गंदगी मिली और अस्वच्छ माहौल में एनालॉग पनीर बनाया जा रहा था। फैक्ट्री में साफ-सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था। निर्माण वाली जगह की फर्श उखड़ी हुई थी और दीवारें भी काफी गंदी थीं। यह स्थिति खाद्य सुरक्षा के नियमों के बिल्कुल विपरीत पाई गई।
एनालॉग पनीर का निर्माण और सप्लाई रुकवाई
अस्वच्छता और नियमों की अनदेखी मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने रूद्रांश डेयरी इंडस्ट्री में एनालॉग पनीर का निर्माण तुरंत रुकवा दिया। इसके साथ ही वहां से होने वाली पनीर की सप्लाई पर भी रोक लगा दी गई। टीम ने मौके से जब्त किए गए 204 किलो एनालॉग पनीर का सैंपल भी लिया। इस सैंपल को गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद पनीर की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल सामग्री की स्थिति साफ हो सकेगी।
प्रदेश में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध
मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा प्रशासन के आदेश के अनुसार पूरे प्रदेश में एनालॉग पनीर के निर्माण, उसके भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद रूद्रांश डेयरी इंडस्ट्री में इसका निर्माण किए जाने की बात सामने आई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी एडलीन पन्ना और दीपाली कांगे के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। विभाग की इस कार्रवाई से मिलावट और अस्वच्छ तरीके से खाद्य सामग्री तैयार करने वालों में हड़कंप मच गया है। विभाग का विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।






