सीहोर जिले के पास स्थित चंदेरी गांव में तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने एक गरीब परिवार की खुशियों पर पानी फेर दिया। यहां रहने वाली रीना बाई का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया।
हादसे में दीवारें ढह गईं और पूरी छत चकनाचूर हो गई। गनीमत यह रही कि वक्त रहते परिवार के लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। दरअसल, अचानक हुए इस हादसे के बाद अब परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
भीगा राशन, रैन बसेरे में कट रही रातें
मकान गिरने के बाद लगातार हुई बारिश का पानी घर के अंदर भर गया। इसकी वजह से घर में रखा करीब एक क्विंटल गेहूं, राशन का सामान, कपड़े और गृहस्थी की चीजें पूरी तरह भीगकर बर्बाद हो गईं। परिवार के पास अब खाने-पीने तक के लाले पड़ गए हैं। आपको बता दें कि सिर छिपाने की जगह न बचने के कारण पीड़ित परिवार को फिलहाल गांव के स्थानीय रैन बसेरे में शरण लेनी पड़ रही है, जहां वे बेहद मुश्किलों में दिन काट रहे हैं।
न जमीन न पैसा, दोबारा घर बनाना नामुमकिन
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय किसान नेता एमएस मेवाडा ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार का हाल जाना। उन्होंने बताया कि यह परिवार गरीबी रेखा के नीचे BPL जीवन यापन करता है और इनके पास खेती-किसानी के लिए बिल्कुल भी जमीन नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खस्ता है कि वे अपने दम पर दोबारा मकान बनाने का सोच भी नहीं सकते। दरअसल, ऐसे में सरकारी मदद ही इस बेघर परिवार का आखिरी सहारा बची है।
CM और शिवराज सिंह चौहान से गुहार
इस विकट परिस्थिति को देखते हुए पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि तहसील प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द आरबीसी 6-4 के तहत परिवार को मुआवजा राशि दी जाए। इसके साथ ही आपको बता दें कि बेघर हुए इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मुहैया कराने की पुरजोर मांग की जा रही है, ताकि उन्हें सुरक्षित छत मिल सके।






