मध्य प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्र सलकनपुर में शारदीय नवरात्रि मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव में मां विजयासन देवी के दर्शन के लिए लाखों भक्तों का हुजूम उमड़ता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए भोपाल संभाग के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा, डीआईजी राजेश चंदेल, सीहोर कलेक्टर बालागुरु के. और एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने प्रशासनिक दल के साथ मंदिर परिसर का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश सौंपे।
जाम से मिलेगी निजात
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहता है। इसे देखते हुए सभी मुख्य रास्तों और चौराहों पर पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि कहीं भी गाड़ियों का दबाव बढ़ते ही पुलिस टीम को फौरन मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को क्लियर कराना होगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न झेलनी पड़े।
24 घंटे चालू रहेगा रोपवे
पहाड़ पर स्थित मंदिर तक भक्तों की सहूलियत के लिए रोपवे का संचालन बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही, सीढ़ियां चढ़ते समय या पैदल यात्रा के दौरान किसी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज देने के लिए जगह-जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जा रहे हैं। किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर 24 घंटे एंबुलेंस गाड़ियां तैनात रहेंगी।
भक्तों की मदद के लिए बनेंगे हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम
दूर-दराज के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए जगह-जगह हेल्प डेस्क बनाए जा रहे हैं, जहां से उन्हें रास्ते और सुविधाओं की पूरी जानकारी मिलेगी। इसके अलावा पूरे मेला परिसर पर नजर रखने के लिए एक सेंट्रल कंट्रोल रूम भी काम करेगा, जहां से अफसर पूरी व्यवस्था का समन्वय करेंगे। भक्तों के लिए पीने का साफ पानी और अस्थाई शौचालयों का भी पूरा इंतजाम किया जा रहा है।
फिटनेस पास टैक्सियों को ही मिलेगी अनुमति
मेले में श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने वाली टैक्सियों की भी कड़ी चेकिंग की जाएगी। सिर्फ उन्हीं वाहनों को चलने की इजाजत मिलेगी जिनके पास आरटीओ का मान्य फिटनेस सर्टिफिकेट होगा। चालकों को साफ हिदायत दी गई है कि वे तय दर से ज्यादा भाड़ा न वसूलें और गाड़ियों में क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं। नियम तोड़ने पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।
पहाड़ी और जंगल क्षेत्र में जाने पर पूरी तरह पाबंदी
सुरक्षा के लिहाज से और जंगली जानवरों के खतरे को देखते हुए श्रद्धालुओं के पहाड़ी या वन क्षेत्रों में भटकने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। अफसरों ने साफ कर दिया है कि तय दर्शन मार्ग से अलग किसी भी सुनसान जगह पर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन की कोशिश यही है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में मां विजयासन के दर्शन कर लौट सके।






