सीहोर के व्यस्त तहसील चौराहे पर उस समय लोगों में दहशत फैल गई, जब LNCT कॉलेज की पीले रंग की बस के निचले हिस्से से अचानक आग की लपटें उठने लगीं।
देखते ही देखते बस के नीचे आग तेज हो गई और सड़क पर तेल जैसा ज्वलनशील पदार्थ जलता हुआ फैलने लगा। चौराहे से गुजर रहे लोगों और आसपास के दुकानदारों ने जैसे ही यह नजारा देखा, वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों को डर था कि आग कहीं पूरी बस को अपनी चपेट में न ले ले।
तहसील चौराहे पर अचानक धू-धू कर जलने लगी बस
घटना सीहोर के तहसील चौराहे की बताई जा रही है। यह शहर का व्यस्त इलाका है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहन और लोग आते-जाते हैं। बताया गया कि LNCT कॉलेज की एक बस चौराहे पर खड़ी थी। इसी दौरान बस के निचले हिस्से से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुएं के साथ आग की लपटें उठने लगीं।
शुरुआत में आसपास मौजूद लोगों को समझ नहीं आया कि बस में आग कैसे लगी। लेकिन जैसे-जैसे आग बढ़ने लगी, लोगों ने तुरंत बस से दूरी बनानी शुरू कर दी। बस के इंजन वाले हिस्से के नीचे से आग निकल रही थी। इसी दौरान सड़क पर जलता हुआ तेल या फ्यूल बहने लगा। सड़क पर आग फैलती देखकर आसपास मौजूद लोगों में डर और बढ़ गया।
सड़क पर बहने लगा जलता तेल, लोगों में मची भगदड़
इस घटना में सबसे डराने वाला दृश्य बस के नीचे से सड़क पर बहता हुआ जलता तेल था। बस के इंजन वाले हिस्से में आग लगने के बाद नीचे से ज्वलनशील पदार्थ सड़क पर आया और आग के संपर्क में आने से वह भी जलने लगा। आग को सड़क पर फैलता देखकर राहगीर पीछे हटने लगे।
तहसील चौराहा व्यस्त इलाका होने के कारण वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ऐसे में आग का फैलना गंभीर खतरा बन सकता था। आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने समझदारी दिखाई। उन्होंने भीड़ को बस से दूर किया और आग बुझाने की कोशिश शुरू की। घटना के दौरान लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि अगर आग बस के फ्यूल टैंक या किसी दूसरे ज्वलनशील हिस्से तक पहुंच जाती तो स्थिति काफी खतरनाक हो सकती थी।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा, पानी से बुझाई आग
LNCT कॉलेज की बस में आग लगने के बाद सबसे पहले आसपास मौजूद लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। लोगों ने तुरंत पानी का इंतजाम किया और बस के निचले हिस्से में लगी आग पर पानी डालना शुरू किया। उनका उद्देश्य आग की लपटों को बस के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने से रोकना था।
स्थानीय लोगों की इस तत्परता से आग को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करने में मदद मिली। ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अगर आग इंजन से निकलकर बस के अंदर पहुंच जाती तो नुकसान काफी बढ़ सकता था। लोगों ने आग को देखकर घबराने के बजाय मिलकर उसे बुझाने की कोशिश की। इसी वजह से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सका।
फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर पाया काबू
घटना की जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी तहसील चौराहे पर पहुंची। फायर टीम ने स्थिति को संभाला और बस के जिस हिस्से में आग लगी थी, वहां पानी और अन्य जरूरी तरीके से आग को पूरी तरह बुझाया। फायर ब्रिगेड की मौजूदगी से यह भी सुनिश्चित किया गया कि आग दोबारा न भड़के।






